हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद में 15, 25 और 50 MLD क्षमता के तीन आधुनिक CETP लगाने का फैसला किया, ₹926.96 करोड़ की परियोजना से औद्योगिक अपशिष्ट जल प्रबंधन सुदृढ़ होगा।
हरियाणा सरकार ने पर्यावरणीय अवसंरचना को सुदृढ़ करने और सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फरीदाबाद में तीन आधुनिक सांझा अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (CETP) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹926.96 करोड़ है।
📍 कहां बनेंगे संयंत्र और कितनी होगी क्षमता?
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गांव बादशाहपुर – 15 MLD क्षमता
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गांव प्रतापगढ़ – 50 MLD क्षमता
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गांव मिर्जापुर – 25 MLD क्षमता
इन संयंत्रों के माध्यम से तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में निकलने वाले अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
🏗️ परियोजना की जिम्मेदारी
परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) द्वारा तैयार की गई है।
मुख्य सचिव Anurag Rastogi की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्तीय प्रावधानों और व्यय-साझेदारी व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया।
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💰 लागत और व्यय साझेदारी
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पूंजीगत व्यय का 50% नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग वहन करेगा।
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शेष 50% राशि HSIIDC और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा 25-25% के अनुपात में दी जाएगी।
संचालन व्यय प्रारंभ में HSIIDC द्वारा वहन किया जाएगा, जिसकी प्रतिपूर्ति नगर निगम फरीदाबाद, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण, HSIIDC और HSVP द्वारा समान अनुपात में की जाएगी।
🏭 किन औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा लाभ?
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मिर्जापुर संयंत्र सेक्टर 4, 5, 6, 71 और 74 के उद्योगों का अपशिष्ट जल उपचार करेगा।
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प्रतापगढ़ संयंत्र सेक्टर 24, 25, 52A, 56-59, 147, 148, 150-153 और 155 को कवर करेगा।
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बादशाहपुर संयंत्र सेक्टर 27A-D, 31, 32, 35, 36, 38 और 45 के उद्योगों के लिए होगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

