हरियाणा के सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने विधानसभा में बताया कि OBC क्रीमी लेयर की आय सीमा 8 लाख रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित है और केंद्र के निर्देशानुसार सभी लाभ दिए जा रहे हैं।
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए क्रीमी लेयर से संबंधित मानदंड केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं और राज्य सरकार उन्हीं के अनुरूप कार्य कर रही है।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आदमपुर के विधायक द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने 8 सितंबर 1993 को OBC वर्ग को क्रीमी लेयर से बाहर करने के लिए मानदंड तय किए थे। समय-समय पर आय और संपत्ति की सीमा में संशोधन किए गए हैं, जबकि अन्य मानदंडों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
💰 8 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा लागू
मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2017 में भारत सरकार ने क्रीमी लेयर की आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दी थी। उसी के अनुरूप हरियाणा सरकार ने भी 16 जुलाई 2024 की अधिसूचना के माध्यम से प्रदेश में क्रीमी लेयर की आय सीमा 8 लाख रुपये वार्षिक निर्धारित की है।
also read : जापान की FANUC कॉर्पोरेशन का दौरा, इंडस्ट्री 4.0 और रोबोटिक्स साझेदारी पर जोर
📜 केंद्र के निर्देशानुसार लाभ जारी
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार OBC वर्ग को आरक्षण सहित सभी निर्धारित लाभ प्रदान कर रही है।
सरकार का कहना है कि क्रीमी लेयर की स्पष्ट आय सीमा से पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होती है और सामाजिक न्याय की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ती है।
हरियाणा सरकार ने दोहराया है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा केंद्र की नीतियों के अनुरूप ही सभी योजनाओं और लाभों का क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि पिछड़े वर्गों को उनका वैधानिक अधिकार समय पर मिल सके।

