कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने करनाल में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर व राइस एंड ग्रेन एक्सपो के समापन पर कहा कि आधुनिक तकनीक से किसान समृद्ध होंगे और भारत 2047 से पहले विकसित बनेगा।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार किसानों के हित में तेज़ी से काम कर रही है और आधुनिक तकनीक को खेती से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर एक्सपो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है और जिस रफ्तार से सुधार हो रहे हैं, भारत तय समय से पहले ही विकसित राष्ट्र बन सकता है।
कृषि मंत्री करनाल में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर एक्सपो एवं राइस एंड ग्रेन एक्सपो के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न राज्यों, विभागों और संस्थानों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन किया और आधुनिक कृषि यंत्रों व नई तकनीकों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एक्सपो के माध्यम से किसानों को नवीनतम तकनीक से रूबरू होने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी उत्पादकता और आमदनी दोनों बढ़ती हैं।
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श्याम सिंह राणा ने कहा कि जितनी अधिक जानकारी और तकनीक किसानों तक पहुंचेगी, उतना ही किसान उन्नत और समृद्ध बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना, बाजार से जोड़ना और किसानों को नई-नई संभावनाओं से परिचित कराना है।
इस मौके पर हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कृषि एक्सपो किसानों और उद्यमियों के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए स्टॉलों के माध्यम से तकनीक, नवाचार और नए विचारों को साझा करने का एक मजबूत मंच मिलता है।
कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल किसानों को नई दिशा मिलती है, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने आयोजकों, किसानों और उद्यमियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सरकार आगे भी इस तरह की प्रदर्शनियों को प्रोत्साहित करती रहेगी, ताकि खेती को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके।
समापन समारोह में अधिकारियों, विशेषज्ञों, किसानों और उद्यमियों की बड़ी भागीदारी रही, जिससे यह साफ हुआ कि आधुनिक कृषि और बागवानी की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

