हरियाणा सरकार और IIT रुड़की के बीच हुए MoU से राज्य के इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक संस्थानों में संकाय विकास, रिसर्च, छात्र प्रशिक्षण और नवाचार को नई गति मिलेगी।
हरियाणा के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और बहुतकनीकी संस्थानों को आईआईटी स्तर का मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा।
इस समझौता ज्ञापन पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. विवेक कुमार मलिक, डीन (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) और हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से महानिदेशक तकनीकी शिक्षा श्री प्रभजोत सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आईआईटी रुड़की देश के अग्रणी और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में से एक है, जिसे इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और उन्नत अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान प्राप्त है। इस सहयोग से हरियाणा के राज्य इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (SIETs), राजकीय पॉलिटेक्निक और तकनीकी विश्वविद्यालयों को सीधा लाभ मिलेगा। यह साझेदारी छात्रों और शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता, संसाधन और शैक्षणिक अवसरों के द्वार खोलेगी।
MoU की प्रमुख विशेषताओं में संकाय विकास और क्षमता निर्माण के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और ज्ञान-साझाकरण पहल शामिल हैं। इसके साथ ही छात्रों को परियोजना-आधारित शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी व्यावहारिक समझ और कौशल में बढ़ोतरी होगी। संयुक्त अनुसंधान, संकाय विनिमय और शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग के जरिए रिसर्च कल्चर को भी मजबूत किया जाएगा।
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नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हैकाथॉन, इनक्यूबेशन प्रोग्राम, स्टार्ट-अप मार्गदर्शन और तकनीक आधारित पहलों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि संकाय को भी आधुनिक अनुसंधान, उद्योगोन्मुख सोच और नई शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाना है।
उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्चतर शिक्षा श्री विनीत गर्ग और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल हरियाणा को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह समझौता गैर-वित्तीय और गैर-बाध्यकारी प्रकृति का है तथा अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिससे भविष्य में परियोजना-विशिष्ट सहयोग के लिए एक मजबूत और लचीला ढांचा तैयार होगा।
इस अवसर पर डॉ. वाई.पी.एस. बरवाल, निदेशक तकनीकी शिक्षा, श्री अनिल कुमार, अतिरिक्त निदेशक, प्रो. अमित अग्रवाल (एसोसिएट डीन, कॉर्पोरेट इंटरैक्शन, आईआईटी रुड़की) सहित तकनीकी शिक्षा निदेशालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

