वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों को उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया। बातचीत के बाद हरियाणा में राजस्व विभाग का कामकाज सामान्य रूप से बहाल हो गया।
हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने भूमि जोत एवं भूमि अभिलेख समेकन निदेशक डॉ. यश पाल के साथ मिलकर आज राजस्व अधिकारियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत और रचनात्मक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं पर कानून और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सरकार और विभाग की प्राथमिकता है कि प्रत्येक मामले पर निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी तरीके से निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा, ताकि किसी भी अधिकारी को असमंजस या अन्याय का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं और राज्य के कई महत्वपूर्ण विभाग उनके कार्यों पर निर्भर करते हैं। भूमि रिकॉर्ड, आपदा प्रबंधन, राजस्व वसूली और विभिन्न प्रमाणपत्रों से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेना सरकार की प्राथमिकता है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि विभाग और सरकार की हमेशा से यह नीति रही है कि किसी भी नए उपक्रम या सुधारात्मक कदमों में फील्ड अधिकारियों को सक्रिय रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों के साथ परामर्श की प्रक्रिया को और अधिक संस्थागत रूप दिया जाएगा, ताकि फील्ड और मुख्यालय के बीच नियमित संवाद बना रहे। इससे संचार की कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी और किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचा जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और कानून के दायरे में रहकर करें। साथ ही, आधिकारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान यदि किसी प्रकार की कठिनाई या समस्या आती है, तो उसे तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि समस्याओं को बढ़ने से पहले ही सुलझाने के लिए पारदर्शी और समय पर संचार अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में सुचारुता बनी रहेगी, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों और आम जनता को हुई असुविधा को ध्यान में रखते हुए, राजस्व अधिकारियों ने आज से बिना किसी शर्त के अपना कार्यभार संभालने का निर्णय लिया है। डॉ. मिश्रा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि सुदृढ़ समन्वय और आपसी विश्वास के माध्यम से राज्य में सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली और अधिक मजबूत होगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बेहतर समन्वय और नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए अधिकारियों की एक अंतर-विभागीय समिति का गठन किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसे विषयों का समय पर और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।


