Vinayak Chaturthi 2025: विनायक चतुर्थी में 30 मई को मनाई जाएगी। जानिए शुभ मुहूर्त, वृद्धि योग, पूजा विधि और व्रत का महत्व। भगवान गणेश की कृपा से मिलती है समृद्धि।
Vinayak Chaturthi 2025: इस वर्ष विनायक चतुर्थी का पर्व 30 मई 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्तगण व्रत रखते हैं और गणपति बप्पा से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करते हैं। खास बात यह है कि इस बार चतुर्थी पर रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है, जिससे यह तिथि और भी अधिक फलदायी हो गई है।
विनायक चतुर्थी 2025 तिथि एवं शुभ मुहूर्त
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तिथि आरंभ: 29 मई 2025, रात 11:58 बजे
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तिथि समाप्त: 30 मई 2025, रात 09:22 बजे
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व्रत और पूजा की तिथि: 30 मई 2025 (उदया तिथि अनुसार)
शुभ योगों का संयोग
इस बार विनायक चतुर्थी पर तीन विशेष योग बन रहे हैं:
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वृद्धि योग: 30 मई, दोपहर 12:58 से
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रवि योग: 30 मई, सुबह 05:24 से रात 09:29 तक
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सर्वार्थ सिद्धि योग: 30 मई, सुबह 05:24 से रात 09:29 तक
इन योगों में भगवान गणेश की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कार्यों में सफलता मिलती है।
विनायक चतुर्थी पूजा विधि
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प्रातःकाल स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को स्वच्छ करें।
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गणेश जी की मूर्ति को फूलों और वस्त्रों से सजाएं।
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दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें और विधिवत पूजन आरंभ करें।
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भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, फल, फूल अर्पित करें।
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शाम को चंद्रमा के दर्शन न करें, और पूजा में चंद्रमा से क्षमा याचना करें।
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गणेश व्रत कथा का श्रवण करें और आरती करें।
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अगले दिन व्रत का पारण करें।
विनायक चतुर्थी पर चंद्र दर्शन वर्जित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करने से झूठे आरोप या कलंक लग सकता है। इसलिए इस दिन चंद्र दर्शन से परहेज करना चाहिए।
विनायक चतुर्थी का महत्व
विनायक चतुर्थी को वरद विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। “वरद” का अर्थ है “वरदान देने वाला”। इस दिन भगवान गणेश से प्रार्थना करने पर भक्तों को ज्ञान, बुद्धि, धैर्य और सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
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यह दिन बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए भी शुभ माना जाता है।
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जो भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, उनके जीवन के कष्टों का नाश होता है और कार्यों में बाधाएं दूर होती हैं।
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