GDP Growth Rate: क्रिसिल का अनुमान है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2025-26 में रेपो रेट में 50-75 बेसिस प्वाइंट की कमी कर सकता है।
GDP Growth Rate: भारत की अर्थव्यवस्था एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष (2025–26) में तेज गति से बढ़ेगी। भारत की जीडीपी वृद्धि दर आने वाले वित्त वर्ष (2025–26) में 6.5% रहने का अनुमान है। साथ ही, बेहतर मानसून के चलते महंगाई से भी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि खाद्य वस्तुओं की लागत कम हो सकती है।
क्रिसिल ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि निजी खपत में सुधार होगा। यद्यपि, निजी पूंजीगत व्यय निवेश की वृद्धि पर निर्भर करेंगे। रिपोर्ट में कहा गया कि कृषि उत्पादन में सुधार और खाद्य महंगाई में कमी की उम्मीद से निजी खपत में और सुधार की उम्मीद है। खाद्य महंगाई में कमी से घरेलू बजट में विवेकाधीन खर्चों को स्थान मिलेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनकम टैक्स में बढ़ाई गई छूट से केंद्रीय बजट 2025-26 में खपत बढ़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मौद्रिक नीति में ढील देने से खपत भी बढ़ेगा।
क्रिसिल का अनुमान है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2025-26 में रेपो रेट में 50-75 बेसिस प्वाइंट की कमी कर सकता है। क्रिसिल ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2024-25 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वित्त वर्ष 9.2 प्रतिशत से कम है। हालाँकि, महामारी से पहले के दशक की औसत 6.6 प्रतिशत की विकास दर ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा बचाने में मदद मिलेगी।
चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत होने की उम्मीद है, इससे चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 6.5 प्रतिशत हो जाएगी। तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत हो गई, जो दूसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत से अधिक था।
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