गर्मियों की छुट्टियों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यात्रियों का बजट प्रभावित हुआ है और लोग अब सस्ते पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं।
इस बार गर्मियों की छुट्टियों में घूमने का सपना देखने वाले लाखों यात्रियों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों से लेकर विदेशों तक जाने वाली उड़ानों के किराए में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालत यह है कि कई लोकप्रिय मार्गों पर टिकट की कीमतें पिछले साल की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। इससे परिवारों का यात्रा बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है और लोग अब अपनी छुट्टियों की योजनाओं में बदलाव करने को मजबूर हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती ईंधन लागत, सीमित उड़ानें और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण हवाई यात्रा लगातार महंगी होती जा रही है। इसका असर घरेलू पर्यटन से लेकर विदेशी यात्राओं तक साफ दिखाई दे रहा है।
लेह, श्रीनगर और शिमला जाने वालों की जेब पर भारी पड़ रहा सफर
भीषण गर्मी के बीच लोग ठंडी जगहों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। ऐसे में पहाड़ी पर्यटन स्थलों के लिए हवाई टिकटों की मांग अचानक बढ़ गई है। दिल्ली से लेह जाने वाली उड़ानों के किराए में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार इस मार्ग पर टिकटों की कीमतें करीब 74 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं।
इसी तरह श्रीनगर और शिमला जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के टिकट भी 60 से 68 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। परिवारों और युवाओं में इन स्थानों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण एयरलाइंस कंपनियां ऊंचे किराए वसूल रही हैं।
विदेश यात्रा का सपना भी हुआ महंगा
केवल घरेलू उड़ानें ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्राएं भी इस बार यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के टिकटों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लंदन और पेरिस जाने वाली उड़ानों के किराए में लगभग 53 प्रतिशत तक उछाल आया है। वहीं सिडनी के टिकट भी करीब 38 प्रतिशत महंगे हो चुके हैं। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे थाईलैंड और सिंगापुर के टिकटों में भी 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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क्यों बढ़ रहे हैं हवाई टिकटों के दाम?
विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार इस बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ी वजह जेट ईंधन की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी है। वैश्विक बाजार में जेट ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे एयरलाइंस कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है।
इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कई देशों के एयरस्पेस में प्रतिबंधों के कारण विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे ईंधन खर्च और संचालन लागत दोनों में वृद्धि हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरलाइंस कंपनियों द्वारा उड़ानों की संख्या कम किए जाने से भी टिकटों के दाम तेजी से बढ़े हैं। कई बड़ी कंपनियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपनी क्षमता घटाई है, जिससे यात्रियों के लिए विकल्प कम हो गए हैं।
यात्रियों ने बदले अपने पर्यटन स्थल
महंगे टिकटों के कारण अब भारतीय यात्रियों का रुझान बदलता दिखाई दे रहा है। लोग अब लंबी दूरी और अधिक खर्च वाली यात्राओं की बजाय सस्ते और कम दूरी वाले पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका, नेपाल और मलेशिया जैसे देशों की मांग तेजी से बढ़ी है। इन देशों में कम खर्च और आसान यात्रा सुविधाओं के कारण लोग बड़ी संख्या में बुकिंग कर रहे हैं।
इसके अलावा घरेलू पर्यटन में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। ऋषिकेश, वाराणसी, लेह और पूर्वोत्तर भारत के शहरों जैसे शिलांग, गुवाहाटी और इंफाल में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पहाड़ी क्षेत्रों में रिकॉर्ड बुकिंग
यात्रा कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार इस बार हिल स्टेशनों के लिए अग्रिम बुकिंग में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के होटल और परिवहन सेवाएं पहले से ही लगभग भर चुकी हैं।
कूर्ग जैसे पर्यटन स्थलों के लिए मई महीने की बुकिंग में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इससे साफ है कि लोग अब विदेशों की बजाय देश के भीतर ही छुट्टियां बिताने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
महंगाई के बावजूद यात्रा की मांग बरकरार
विशेषज्ञों का मानना है कि टिकट महंगे होने के बावजूद यात्रा की मांग में कोई बड़ी कमी नहीं आई है। लोग अब यात्रा को केवल शौक नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा मानने लगे हैं। यही कारण है कि बढ़ते किरायों के बावजूद बुकिंग लगातार बढ़ रही है।
यात्रा कंपनियों के अनुसार इस बार गर्मियों की छुट्टियों के लिए अग्रिम बुकिंग सामान्य समय की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है।
यात्रियों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञ यात्रियों को सलाह दे रहे हैं कि यदि वे गर्मियों में यात्रा की योजना बना रहे हैं तो समय रहते टिकट बुक कर लें। अंतिम समय में टिकट लेने पर अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। साथ ही कम लोकप्रिय लेकिन सुंदर पर्यटन स्थलों को चुनकर भी यात्रा खर्च कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
गर्मियों की छुट्टियों के बीच हवाई यात्रा महंगी जरूर हुई है, लेकिन लोगों का घूमने का उत्साह अब भी कम नहीं हुआ है। बढ़ती महंगाई के बीच यात्री अब अपने बजट के अनुसार नए पर्यटन विकल्प तलाश रहे हैं। आने वाले समय में विमानन क्षेत्र की स्थिति और ईंधन कीमतों के आधार पर हवाई किरायों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

