पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा से जुड़े एक वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर पंजाब में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की सुनियोजित साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, जो सिख धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की घिनौनी कोशिश है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट से यह पूरी तरह सिद्ध हो चुका है कि आतिशी ने अपने बयान में कहीं भी “गुरु” शब्द का प्रयोग नहीं किया।
बठिंडा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि भाजपा और उसके नेताओं द्वारा जानबूझकर एडिटेड वीडियो फैलाया गया, ताकि पंजाब में धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा सके। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष पंजाब सरकार ऐसे किसी भी नापाक मंसूबे को सफल नहीं होने देगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज मामले को पूरी तरह जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो न तो दिल्ली विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में है और न ही किसी प्रमाणिक स्रोत से इसकी पुष्टि होती है। यह साफ तौर पर फर्जी और भ्रामक सामग्री है, जिसे सोशल मीडिया के जरिए फैलाकर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भाजपा लंबे समय से फिर्कापरस्ती और नफरत की राजनीति करती आ रही है और विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पंजाब में भी इसी एजेंडे को लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल—तीनों ही दल पंजाब और इसकी चुनी हुई सरकार के खिलाफ एक ही लाइन पर खड़े नजर आ रहे हैं और अलग-अलग समय पर एक जैसे बयान जारी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चंडीगढ़, बीबीएमबी, पंजाब यूनिवर्सिटी, गणतंत्र दिवस की झांकियों जैसे मुद्दों पर भाजपा का रवैया हमेशा पंजाब विरोधी रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पंजाब के हितों की बात आती है, तो भाजपा नेताओं का असली चेहरा सामने आ जाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस में बदला जा रहा है। राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण में पंजाब ने पहली बार केरल को पीछे छोड़ते हुए देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि सैकड़ों छात्रों ने नीट, जेईई और जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षाएं पास कर राज्य का नाम रोशन किया है।
धार्मिक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 15 जनवरी को सभी तथ्यों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे और वहां से मिलने वाले हर आदेश को पूरी श्रद्धा के साथ स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों के लिए सर्वोच्च है और रहेगा।
अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष चाहे जितनी भी झूठी अफवाहें फैलाए, उनकी सरकार पंजाब के हर वर्ग की भलाई, सामाजिक सद्भाव और विकास के लिए पूरी मजबूती से काम करती रहेगी।

