उत्तर प्रदेश पूरक बजट 2026 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक की। जानिए पूरक बजट की प्रमुख बातें, विकास योजनाएं और विधानसभा सत्र के अहम अपडेट।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब राज्य सरकार विधानसभा में पूरक बजट पेश करने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि इस बजट में चल रही विकास योजनाओं को गति देने और नई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे।
पूरक बजट का उद्देश्य क्या है?
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पूरक बजट का मुख्य उद्देश्य पहले से संचालित सरकारी योजनाओं को समय पर पूरा करना और जनहित से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास विकास कार्यों में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा न आने देना है। उनके अनुसार, पूरक बजट राज्य की विकास गति को और तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कैबिनेट बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास संबंधी विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही हाल ही में दिवंगत हुए विपक्ष के एक विधायक को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक प्रस्ताव भी रखा गया।
राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में भी कुछ दलों का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं रहा।
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विधानसभा अध्यक्ष ने बताया पूरक बजट का महत्व
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया कि पूरक बजट एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मूल बजट पारित होने के बाद यदि नई योजनाएं शुरू होती हैं या किसी विभाग को अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तो सरकार पूरक बजट के माध्यम से वित्तीय प्रावधान करती है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वर्षों से यह प्रक्रिया अपनाई जाती रही है और सरकार आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त बजट प्रस्तुत करती है।
3 से 6 अगस्त तक चल रहा है मानसून सत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होकर 6 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत कर रही है, जिनमें पूरक बजट सबसे प्रमुख माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने जनहित के मुद्दों पर चर्चा की अपील
सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने विधानसभा को जनता की समस्याओं के समाधान का सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मंच बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावण माह किसानों, विद्यार्थियों और कांवड़ यात्रा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष ने मंदिर निर्माण के दौरान भी विभिन्न स्तरों पर बाधाएं उत्पन्न की थीं।

