तेलंगाना में कृषि यंत्रीकरण योजना 2026-27 के लिए 147.99 करोड़ रुपये मंजूर। पात्र एससी-एसटी किसानों को 60% और अन्य श्रेणियों को 40% तक सब्सिडी मिलेगी।
किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से तेलंगाना सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि यंत्रीकरण योजना को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। राज्य के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के अनुसार, इस योजना के लिए 147.99 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष में योजना के लिए किए गए शुरुआती आवंटन से दोगुने से भी अधिक है।
सरकार की इस पहल से राज्य के किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर, थ्रेशर, रीपर और अन्य कृषि उपकरण खरीदने में आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। योजना का प्रमुख उद्देश्य कृषि कार्यों को आधुनिक बनाना, किसानों की मशीनरी खरीदने की लागत कम करना और खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देना है।
पिछले साल के मुकाबले बजट में बड़ा इजाफा
वित्तीय वर्ष 2025-26 में तेलंगाना सरकार ने कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए शुरुआत में 71 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें से लगभग 63 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो कुल शुरुआती आवंटन का करीब 89 प्रतिशत था।
नए वित्तीय वर्ष में सरकार ने योजना के लिए 147.99 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बढ़ा हुआ बजट किसानों तक कृषि उपकरणों की सुविधा पहुंचाने और योजना के दायरे को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस योजना से विशेष रूप से उन छोटे और मध्यम किसानों को लाभ मिलने की संभावना है, जिनके लिए महंगी कृषि मशीनें खरीदना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
एससी-एसटी किसानों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी
तेलंगाना की कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को उनकी श्रेणी के अनुसार कृषि उपकरण खरीदने पर अनुदान दिया जाएगा।
- अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसान: कृषि यंत्रों की खरीद पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी।
- पिछड़ा वर्ग और अन्य श्रेणियों के किसान: कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी।
योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजे जाने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और लाभार्थियों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है।
हालांकि, वास्तविक अनुदान राशि और पात्रता संबंधित कृषि यंत्र, किसान की श्रेणी तथा सरकार के अंतिम दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी।
also read: रांची ICAR-IIAB में नई सुविधाओं का उद्घाटन, 1500 किसानों को नैनो खाद…
किसी एक कंपनी से मशीन खरीदने की बाध्यता नहीं
इस बार योजना में किसानों की खरीद संबंधी स्वतंत्रता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लाभार्थी किसानों को किसी एक निर्धारित कंपनी या विशेष अधिकृत डीलर से ही कृषि उपकरण खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
किसान सूचीबद्ध यानी पैनल में शामिल आपूर्तिकर्ताओं में से अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार मशीन का चयन कर सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और कृषि उपकरणों के बाजार में प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना है। इससे किसानों को कीमत, गुणवत्ता, मरम्मत और बिक्री के बाद मिलने वाली सेवाओं के आधार पर उपयुक्त उपकरण चुनने में मदद मिल सकती है।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
राज्य सरकार इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य से संबंधित वित्तीय संसाधनों का उपयोग करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, योजना के नए चरण के संचालन के लिए केंद्र सरकार के अंतिम दिशा-निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक गाइडलाइन प्राप्त होने के बाद लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। इससे कृषि उपकरणों के वितरण में अनावश्यक देरी रोकने में मदद मिल सकती है।
आवेदन की तारीख, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता की विस्तृत शर्तें और ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था से संबंधित अंतिम जानकारी सरकारी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होगी। इच्छुक किसानों को सलाह दी जाती है कि वे तेलंगाना कृषि विभाग की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।
ट्रैक्टर, पावर टिलर और रीपर जैसे उपकरणों की बढ़ेगी उपयोगिता
खेती में मजदूरों की उपलब्धता और मजदूरी की बढ़ती लागत के कारण कृषि मशीनों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। खेत की तैयारी, बुवाई, निराई, कटाई और फसल की गहाई जैसे कार्यों में आधुनिक उपकरण किसानों का समय बचाने में मदद कर सकते हैं।
ट्रैक्टर, पावर टिलर, थ्रेशर और रीपर जैसे यंत्रों की मदद से कई कृषि कार्य कम समय में पूरे किए जा सकते हैं। धान और कपास जैसी फसलों की कटाई के समय भी मशीनों की मांग बढ़ जाती है।
महंगे कृषि उपकरण खरीदने में असमर्थ किसान अक्सर किराये की मशीनों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में सब्सिडी मिलने से पात्र किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार मशीन खरीदने का अवसर मिल सकता है। इससे खेती के काम समय पर पूरे करने और श्रम लागत को नियंत्रित करने में सहायता मिलने की संभावना है।
पारदर्शी वितरण और समय पर भुगतान पर किसानों की नजर
कृषि विभाग योजना के पिछले अनुभवों के आधार पर वितरण व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि किसानों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
कृषि उपकरणों के विक्रेताओं के अनुसार, खरीद के अधिक विकल्प उपलब्ध होने से अलग-अलग कंपनियों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को प्रतिस्पर्धा का अवसर मिल सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मशीनों की मरम्मत और रखरखाव जैसी सेवाओं को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
किसान संगठनों के लिए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और सब्सिडी का समय पर भुगतान महत्वपूर्ण विषय हैं। योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पात्र किसानों तक सहायता कितनी जल्दी और पारदर्शी तरीके से पहुंचती है।
किसानों के लिए आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
तेलंगाना सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना का नया चरण किसानों को आधुनिक उपकरणों तक पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 147.99 करोड़ रुपये का आवंटन और विभिन्न किसान श्रेणियों के लिए निर्धारित सब्सिडी खेती में मशीनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर सकती है।
अब किसानों की नजर केंद्र सरकार की अंतिम गाइडलाइन, आवेदन प्रक्रिया और उपकरण वितरण की समय-सारणी पर रहेगी। इन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद योजना के क्रियान्वयन और किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ की स्थिति स्पष्ट होगी।

