राजस्थान में मकान मालिकों को बड़ी राहत! सेवा सेतु अभियान के तहत गृहकर पर 50% और नगरीय विकास कर के ब्याज व शास्ति पर 100% छूट मिल सकती है। जानें पात्रता और अंतिम तारीख।
राजस्थान में मकान मालिकों और शहरी करदाताओं को राहत देने के लिए भजनलाल सरकार ने बकाया करों पर छूट देने का फैसला किया है। राज्य में चल रहे ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत पात्र मकान मालिकों को बकाया गृहकर जमा करने पर 50 प्रतिशत की छूट मिल सकती है। इसके अलावा, नगरीय विकास कर के कुछ बकाया मामलों में ब्याज और शास्ति पर 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान भी बताया गया है।
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले करदाताओं को 16 अक्टूबर तक भुगतान करने पर इस योजना का लाभ मिल सकता है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य बकाया करों की वसूली को बढ़ावा देना और आम नागरिकों को आर्थिक राहत देना है।
गृहकर जमा करने पर मिलेगी 50% की छूट
राजस्थान सरकार के सेवा सेतु अभियान के तहत शहरी निकायों में बकाया गृहकर वसूलने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत पात्र मकान मालिकों को निर्धारित समयसीमा में अपना बकाया गृहकर एकमुश्त जमा करना होगा।
योजना के प्रावधानों के अनुसार, पात्र करदाताओं को गृहकर की राशि पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है। इससे उन लोगों को फायदा मिल सकता है, जिनका लंबे समय से गृहकर बकाया है और जो एकमुश्त भुगतान करके अपने कर का निपटारा करना चाहते हैं।
हालांकि, छूट का वास्तविक लाभ संबंधित शहरी निकाय के नियमों और विभागीय आदेश में निर्धारित शर्तों के अनुसार मिलेगा।
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16 अक्टूबर तक भुगतान करना जरूरी
इस छूट का लाभ उठाने के लिए निर्धारित अंतिम तारीख का ध्यान रखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर तक बकाया गृहकर का एकमुश्त भुगतान करने वाले पात्र करदाताओं को 50 प्रतिशत की राहत दी जाएगी।
इसलिए मकान मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित नगर निकाय से बकाया राशि की जानकारी प्राप्त करें और भुगतान से पहले छूट की पात्रता की पुष्टि कर लें।
समयसीमा के भीतर भुगतान करने से न केवल कर संबंधी बकाया निपटाने में मदद मिल सकती है, बल्कि पात्र लोगों को आर्थिक बचत का अवसर भी मिल सकता है।
नगरीय विकास कर पर ब्याज और शास्ति में 100% छूट
राजस्थान सरकार ने गृहकर के साथ नगरीय विकास कर से जुड़े बकाया मामलों में भी राहत का प्रावधान किया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के बकाया नगरीय विकास कर का एकमुश्त भुगतान करने पर निर्धारित शर्तों के तहत ब्याज और शास्ति में 100 प्रतिशत छूट मिल सकती है।
इसका मतलब है कि पात्र करदाताओं को मूल कर के साथ जुड़ी ब्याज और जुर्माने की राशि में राहत मिल सकती है। हालांकि, यह छूट मूल कर की राशि पर नहीं, बल्कि निर्धारित नियमों के अनुसार ब्याज और शास्ति पर लागू होगी।
करदाताओं को भुगतान करने से पहले यह जांच लेना चाहिए कि उनके मामले में योजना के कौन-कौन से प्रावधान लागू होते हैं।
सेवा सेतु अभियान का क्या है उद्देश्य?
राजस्थान में चलाए जा रहे सेवा सेतु अभियान का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं और सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।
बकाया गृहकर और नगरीय विकास कर पर छूट देने की पहल से सरकार को कर वसूली में मदद मिल सकती है। वहीं, नागरिकों को अपने पुराने बकाया का निपटारा करने और अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने का अवसर मिल सकता है।
यह योजना विशेष रूप से उन शहरी करदाताओं के लिए उपयोगी हो सकती है, जो बकाया कर का भुगतान करना चाहते हैं, लेकिन ब्याज या अन्य देनदारियों के कारण परेशानी का सामना कर रहे हैं।
छूट का लाभ लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप राजस्थान के शहरी क्षेत्र में मकान के मालिक हैं और आपका गृहकर या नगरीय विकास कर बकाया है, तो भुगतान से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच कर लें।
- संबंधित नगर निकाय से बकाया कर की कुल राशि पता करें।
- गृहकर पर 50 प्रतिशत छूट लागू होने की शर्तों की पुष्टि करें।
- नगरीय विकास कर पर ब्याज और शास्ति की छूट के नियम समझें।
- 16 अक्टूबर की अंतिम तारीख और भुगतान की निर्धारित प्रक्रिया की पुष्टि करें।
- भुगतान की रसीद अपने पास सुरक्षित रखें।

