दिल्ली सरकार की दुर्गा योजना के तहत 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित होंगे। जानें महिलाओं और ट्रांसजेंडरों का कोटा और योजना का उद्देश्य।
दिल्ली सरकार महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई पहल कर रही है। सरकार की ‘दुर्गा’ ई-ऑटो योजना के तहत पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने रविवार को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि ई-ऑटो का आवंटन निर्धारित पात्रता और आरक्षण के आधार पर किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को परिवहन क्षेत्र में काम करने और अपनी आजीविका के लिए कमाई का साधन विकसित करने का अवसर मिल सकता है।
दुर्गा योजना के तहत 1,300 ई-ऑटो का होगा आवंटन
दिल्ली सरकार की दुर्गा योजना का पूरा नाम ‘महिलाओं और तृतीय लिंगियों के लिए चालन, उत्थान और रोजगार’ है। इस पहल के तहत पहले चरण में कुल 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो वितरित करने की योजना है।
इन ई-ऑटो का आवंटन दो श्रेणियों में किया जाएगा:
- महिलाओं के लिए: 1,170 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो आरक्षित होंगे।
- ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए: 130 इलेक्ट्रिक ऑटो निर्धारित किए गए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य दोनों समुदायों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने में सहायता देना है।
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महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को कैसे मिलेगा फायदा?
दुर्गा ई-ऑटो योजना केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के आवंटन तक सीमित नहीं है। इसके जरिए महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना है।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, इस पहल से लाभार्थियों को अपनी आय का साधन विकसित करने, यातायात क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकती है।
योजना के तहत गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो चलाकर लाभार्थी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इससे सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हर राजस्व जिले में तय होगा ई-ऑटो का कोटा
योजना के पहले चरण में दिल्ली के प्रत्येक राजस्व जिले के लिए ई-ऑटो आवंटन का कोटा निर्धारित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रत्येक जिले में महिलाओं को अधिकतम 90 इलेक्ट्रिक ऑटो और ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को अधिकतम 10 इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित किए जा सकते हैं।
हालांकि, वास्तविक आवंटन निर्धारित कोटे, पात्रता शर्तों और संबंधित विभाग की प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
दुर्गा ई-ऑटो योजना का क्या है उद्देश्य?
दिल्ली सरकार की इस पहल के प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना हैं।
इलेक्ट्रिक ऑटो के इस्तेमाल से शहर में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को प्रोत्साहन देने में भी मदद मिल सकती है। इस तरह यह योजना रोजगार सृजन और स्वच्छ परिवहन, दोनों उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
आवेदन कैसे करें?
योजना में आवेदन की तारीख, पात्रता के विस्तृत नियम, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना आवश्यक है। इच्छुक महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
आवेदन शुरू होने पर संबंधित विभाग के निर्देशों के अनुसार ही फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज जमा करें। आवेदन करने से पहले यह भी जांच लें कि योजना के तहत वाहन आवंटन के लिए कौन-कौन सी शर्तें लागू हैं।

