हरियाणा लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा बदलाव! पात्र महिलाओं को ₹2,100 मासिक सहायता में ₹1,100 बैंक खाते में और ₹1,000 FD में मिलेंगे। जानें नए नियम और पात्रता।
हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में संशोधन करते हुए महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता, पात्रता और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े नए नियम निर्धारित किए हैं। संशोधित व्यवस्था के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की सहायता मिलेगी। इसमें ₹1,100 सीधे महिला के बचत बैंक खाते में जमा किए जाएंगे, जबकि शेष ₹1,000 आवर्ती जमा (RD) या सावधि जमा (FD) खाते में जमा होंगे। यह जमा राशि ब्याज सहित निर्धारित अवधि पूरी होने पर महिला को मिलेगी।
लाडो लक्ष्मी योजना में अब कैसे मिलेगा ₹2,100 का लाभ?
नई व्यवस्था के अनुसार, योजना की मासिक सहायता को दो हिस्सों में बांटा गया है।
- ₹1,100: लाभार्थी महिला के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होंगे।
- ₹1,000: सरकार द्वारा निर्धारित RD या FD खाते में जमा किए जाएंगे।
जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज भी महिला को परिपक्वता अवधि पूरी होने पर मिलेगा। इसकी अवधि सरकार निर्धारित करेगी और संशोधित योजना लागू होने की तारीख से अधिकतम पांच वर्ष तक होगी।
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना के तहत पात्रता निर्धारित करने के लिए परिवार की वार्षिक आय, निवास, शैक्षणिक उपलब्धियों और अन्य सामाजिक मानकों को ध्यान में रखा जाएगा।
मुख्य शर्तों में शामिल हैं:
- महिला हरियाणा की निवासी हो और निर्धारित निवास संबंधी शर्तें पूरी करती हो।
- परिवार की सत्यापित वार्षिक आय ₹1.80 लाख तक हो, जहां संबंधित पात्रता श्रेणी में यह सीमा लागू होती है।
- महिला आयकरदाता नहीं हो।
- आवेदक संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता और दस्तावेजों की शर्तें पूरी करती हो।
- योजना में बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों और कुपोषण से उबरने से जुड़े मानकों को भी कुछ पात्रता श्रेणियों में शामिल किया गया है।
बच्चों की पढ़ाई पर भी मिलेगा लाभ
संशोधित नियमों में बच्चों की शिक्षा और पोषण से जुड़े मानकों को महत्व दिया गया है। पात्रता की संबंधित श्रेणी में महिला को निम्नलिखित में से कोई एक शर्त पूरी करनी होगी:
- सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड या CBSE की दसवीं अथवा बारहवीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हों।
- कक्षा पहली से चौथी तक के बच्चे ने निपुण भारत मिशन के तहत निर्धारित दक्षता हासिल की हो।
- महिला ने अपने बच्चे को गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) या मध्यम तीव्र कुपोषण (MAM) की स्थिति से बाहर निकालने में मदद की हो, जिसकी पुष्टि महिला एवं बाल विकास विभाग करेगा।
इन अतिरिक्त श्रेणियों में लाभ लेने के लिए महिला की आयु कम से कम 23 वर्ष और हरियाणा में निवास की अवधि 15 वर्ष निर्धारित की गई है। संबंधित अन्य शर्तें भी लागू होंगी।
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किन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?
नियमों के अनुसार, सामान्य तौर पर पहले से कुछ सामाजिक सुरक्षा पेंशन या सरकारी वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
इनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा एवं निराश्रित महिला सहायता, दिव्यांग पेंशन और अन्य निर्धारित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। आयकर देने वाली महिलाएं भी अपात्र होंगी।
हालांकि, कुछ विशेष बीमारियों से प्रभावित व्यक्तियों के लिए निर्धारित सहायता और पात्रता संबंधी प्रावधान लागू हो सकते हैं। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित सरकारी अधिसूचना में अपनी श्रेणी की शर्तें जांचना जरूरी है।
आवेदन, सत्यापन और भुगतान के नए नियम
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान भी निर्धारित किए हैं।
- चेहरे की पहचान: पहली किस्त मिलने के बाद प्रत्येक तीन महीने में ऐप के माध्यम से पहचान और जीवित होने की पुष्टि करनी होगी।
- SMS अलर्ट: संबंधित व्यवस्था के तहत CRID द्वारा हर तिमाही संदेश भेजा जाएगा।
- भुगतान में समस्या: लगातार दो महीने भुगतान विफल होने पर सहायता रोकने का प्रावधान है।
- गलत जानकारी: गलत विवरण देकर लाभ लेने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि की वसूली की जा सकती है।
- शिकायत निवारण: लाभार्थी जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकती हैं। निर्धारित नियमों के अनुसार सात कार्यदिवस में कार्रवाई की जानी है।
लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी अपडेट रखें।
लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनकी वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करना है। संशोधित व्यवस्था में तत्काल खर्च के लिए बैंक खाते में राशि देने के साथ भविष्य के लिए बचत का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

