PM श्रम योगी मानधन योजना का खाता निष्क्रिय होने पर 3 साल के भीतर बकाया अंशदान जमा कर उसे फिर एक्टिव किया जा सकता है। जानें पूरी प्रक्रिया।
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) संचालित करती है। इस पेंशन योजना में पात्र श्रमिक नियमित रूप से अंशदान करते हैं और सरकार भी उनके अंशदान में बराबर योगदान करती है।
कई बार समय पर अंशदान नहीं करने की वजह से लाभार्थी का मानधन खाता निष्क्रिय हो सकता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। निर्धारित अवधि के भीतर बकाया अंशदान जमा करके खाते को दोबारा सक्रिय कराया जा सकता है।
निष्क्रिय मानधन खाता दोबारा कैसे एक्टिव करें?
यदि आपका प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का खाता अंशदान नहीं करने के कारण निष्क्रिय हो गया है, तो खाता निष्क्रिय होने की तारीख से 3 साल के भीतर बकाया अंशदान जमा करके इसे फिर से सक्रिय कराया जा सकता है।
बकाया राशि जमा करने के लिए लाभार्थी मानधन पोर्टल की सुविधा का इस्तेमाल कर सकता है। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी बकाया भुगतान और खाते को सक्रिय कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। बकाया अंशदान जमा करने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाते की स्थिति फिर से सक्रिय की जा सकती है।
खाते को निष्क्रिय होने से कैसे बचाएं?
लाभार्थियों को अपने खाते को सक्रिय बनाए रखने के लिए नियमित रूप से निर्धारित अंशदान जमा करना चाहिए। इसके साथ ही योजना से जुड़ी ई-केवाईसी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करना भी महत्वपूर्ण है। समय पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी रखने से योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।
अगर आपका प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना खाता निष्क्रिय हो गया है, तो चिंता की बात नहीं है। 3 वर्ष के भीतर बकाया अंशदान को ब्याज सहित जमा कर आप अपना खाता पुनः सक्रिय कर सकते हैं।
Maandhan Portal (https://t.co/eaSH1VTBXO) या अपने नज़दीकी CSC पर जाकर भुगतान करें।
#MoLE https://t.co/BuDyJGhggv
— Ministry of Labour & Employment, GoI (@LabourMinistry) September 22, 2026
PM श्रम योगी मानधन योजना क्या है?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की पेंशन योजना है। इसका उद्देश्य ऐसे कामगारों को वृद्धावस्था में सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन मिलने का प्रावधान है। लाभार्थी के अंशदान के बराबर केंद्र सरकार भी अपना योगदान करती है।
PM-SYM के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
योजना में शामिल होने के लिए कुछ प्रमुख पात्रता शर्तें निर्धारित हैं:
- आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला श्रमिक होना चाहिए।
- मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम होनी चाहिए।
- आवेदक किसी अन्य संबंधित सामाजिक सुरक्षा योजना, जैसे EPFO या NPS, का सदस्य नहीं होना चाहिए।
योजना की पात्रता और नियमों की अंतिम पुष्टि आवेदन के समय आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर होती है।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
PM श्रम योगी मानधन योजना में पंजीकरण के लिए सामान्य तौर पर निम्न जानकारी या दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- मोबाइल नंबर
- आय से संबंधित जानकारी
- अन्य आवश्यक पहचान या पंजीकरण संबंधी विवरण
आवेदन के दौरान मांगी जाने वाली जानकारी योजना के मौजूदा नियमों के अनुसार उपलब्ध करानी होती है।
also read: आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खुद बना सकती हैं आयुष्मान कार्ड, जानें…
PM श्रम योगी मानधन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
योजना में पंजीकरण के लिए लाभार्थी मानधन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इसके अलावा नजदीकी CSC केंद्र की मदद से भी पंजीकरण कराया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन या किसी केंद्र पर पंजीकरण कराने से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जांच लेना बेहतर है।
श्रमिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पास अक्सर नियमित पेंशन या सामाजिक सुरक्षा की सुविधा नहीं होती। ऐसे में PM-SYM जैसी योजना उन्हें वृद्धावस्था में निश्चित मासिक पेंशन का आधार प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इसलिए यदि किसी लाभार्थी का मानधन खाता अंशदान न करने के कारण निष्क्रिय हो गया है, तो निर्धारित अवधि के भीतर बकाया राशि जमा करके खाते को पुनः सक्रिय कराने की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

