मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारी संघ में सहमति बनी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जरूरी आदेश जारी करने का आश्वासन दिया।
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार और पटवारी संघ के बीच सहमति बनने के संकेत मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद पटवारी संघ ने योजना से संबंधित कार्यों में पूरा सहयोग देने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है। अब आदेश जारी होने के बाद योजना के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई बैठक में स्वामित्व योजना को जमीन पर लागू करने, पटवारियों की जिम्मेदारियों और कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने बातचीत को सकारात्मक बताया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जरूरी आदेश जारी करने का दिया भरोसा
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने बैठक को सार्थक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने योजना के सुचारु संचालन के लिए जरूरी आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है।
संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, स्वामित्व योजना के तहत कार्य करने वाले पटवारियों के लिए आवश्यक न्यायिक संरक्षण की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस व्यवस्था से संबंधित वास्तविक स्थिति और शर्तें आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
सरकार और कर्मचारी संगठन के बीच हुई इस चर्चा को योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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स्वामित्व योजना के काम में पूरा सहयोग करेंगे पटवारी
पटवारी संघ के पदाधिकारी अश्विन सैनी ने कहा कि पटवारी स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के लिए तैयार हैं।
भारतीय मजदूर संघ के प्रांतीय मंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी योजना को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। उन्होंने भरोसा जताया कि पटवारी अपने दायित्वों का निर्वहन करने में पीछे नहीं हटेंगे।
बैठक में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश शर्मा सहित भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री को पटवारी संघ के प्रस्तावित सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज मिलने में मिलेगी मदद
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र लोगों को उनके आवासीय अधिकारों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद करना है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण प्राप्त करने और संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्व विभाग और पटवारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार और पटवारी संघ के बीच बनी सहमति से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
अब आधिकारिक आदेश जारी होने का इंतजार
स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारी संघ के बीच सकारात्मक बातचीत के बाद अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन के अनुरूप आवश्यक आदेश जारी किए जाने पर हैं। आदेश में निर्धारित दिशा-निर्देशों और संरक्षण संबंधी प्रावधानों की जानकारी सामने आने के बाद योजना के कार्यान्वयन की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
यदि तय व्यवस्था के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना से जुड़े कार्यों को गति मिल सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने और लोगों को उनके अधिकारों का प्रमाण देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

