कमला एकादशी 2026 (पद्मिनी/पुरुषोत्तमी एकादशी) 27 मई को मनाई जाएगी। जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के उपाय।
अधिकमास या मलमास में आने वाली कमला एकादशी, जिसे पद्मिनी एकादशी या पुरुषोत्तमी एकादशी भी कहा जाता है, इस बार 27 मई 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह एकादशी अत्यंत दुर्लभ और विशेष फल देने वाली मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों पर सालभर उनकी कृपा बनी रहती है।
कमला एकादशी 2026 की तिथि
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 27 मई को सुबह 6:22 बजे शुरू होकर 28 मई की सुबह 7:22 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के आधार पर व्रत 27 मई को रखा जाएगा।
कमला एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास में आने वाली एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इसे करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार माना जाता है। साथ ही पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है।
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पद्मिनी एकादशी क्यों है विशेष
पद्मिनी एकादशी को अधिकमास की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी माना जाता है। चूंकि यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है, इसलिए इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से सालभर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त हो जाता है।
पूजा विधि
इस दिन प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। भक्त निर्जल व्रत रखते हुए विष्णु पुराण का पाठ या श्रवण करते हैं। रात में भजन-कीर्तन और जागरण करने का विशेष महत्व बताया गया है। द्वादशी के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर व्रत का पारण किया जाता है।
धार्मिक मान्यता
पद्म पुराण के अनुसार इस व्रत को करने से भक्तों को कई गुना पुण्य प्राप्त होता है। भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करने से विशेष फल मिलता है और साधक को वैकुंठ धाम की प्राप्ति का आशीर्वाद माना जाता है।

