साकेत भवन हादसे के बाद MCD पर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। अंकुश नारंग ने निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और दिल्ली में जर्जर इमारतों के सर्वे की मांग की है।
राजधानी दिल्ली के साकेत क्षेत्र में हुए भवन हादसे के बाद नगर निगम (MCD) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों और लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही, अवैध निर्माण और निगरानी व्यवस्था की विफलता के आरोप लगाए हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधि अंकुश नारंग ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना केवल एक सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे प्रशासनिक उदासीनता और संबंधित अधिकारियों की गंभीर लापरवाही भी जिम्मेदार हो सकती है।
उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
also read: दिल्ली MCD पर भ्रष्टाचार के आरोप, शिकायतों के बाद कार्रवाई न होने और…
अवैध निर्माण और शिकायतों की अनदेखी का आरोप
अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों द्वारा पहले भी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण और जर्जर भवनों को लेकर कई बार शिकायतें दी गई थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो इस तरह की दुखद घटना को रोका जा सकता था, जिसमें निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
साकेत भवन हादसा कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि भाजपा शासित MCD के भ्रष्टाचार, लापरवाही और अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा है।
आज मैंने निगम आयुक्त को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा… pic.twitter.com/iLQfbdZtEg
— Ankush Narang (@AnkushNarang_) June 3, 2026
पूरे दिल्ली में सर्वे की मांग
उन्होंने दिल्ली में सभी जर्जर, पुराने और अवैध रूप से बने भवनों का व्यापक सर्वे कराने की मांग भी की है। साथ ही ऐसे भवनों की तुरंत पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पीड़ित परिवारों को मुआवजे की मांग
अंकुश नारंग ने पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और तत्काल राहत सहायता देने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

