Jindal Supreme IPO का GMP ₹30 पहुंचा, जो अपर प्राइस बैंड से करीब 32% प्रीमियम का संकेत देता है। जानें IPO की तारीख, GMP और संभावित लिस्टिंग।
Jindal Supreme IPO: भारतीय प्राथमिक बाजार में इस समय NSE IPO को लेकर काफी चर्चा है, लेकिन इसी बीच छोटे आकार के Jindal Supreme (India) Limited IPO ने ग्रे मार्केट में अपने प्रीमियम के कारण निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। उपलब्ध GMP आंकड़ों के मुताबिक, जिंदल सुप्रीम के शेयर अपर प्राइस बैंड की तुलना में करीब 32% के संभावित प्रीमियम का संकेत दे रहे हैं।
हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक बाजार का संकेत होता है और इसमें तेजी से बदलाव संभव है। इसलिए GMP के आधार पर किसी IPO की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या मुनाफे की गारंटी नहीं मानी जा सकती।
Jindal Supreme IPO GMP कितना है?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, Jindal Supreme IPO का GMP करीब ₹30 प्रति शेयर बताया जा रहा है। कंपनी ने IPO के लिए अपर प्राइस बैंड ₹93 तय किया है।
अगर ₹93 के अपर प्राइस बैंड में ₹30 का GMP जोड़ा जाए, तो ग्रे मार्केट के हिसाब से अनुमानित कीमत करीब ₹123 प्रति शेयर बनती है। यह अपर प्राइस बैंड से लगभग 32.26% अधिक है।
यानी मौजूदा GMP के आधार पर जिंदल सुप्रीम IPO की संभावित लिस्टिंग को लेकर बाजार में सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहा है। लेकिन वास्तविक लिस्टिंग भाव NSE और BSE पर ट्रेडिंग शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।
NSE IPO और Hero Motors से कैसे अलग है Jindal Supreme?
मौजूदा GMP आंकड़ों की तुलना करें तो जिंदल सुप्रीम का प्राइस-बैंड के मुकाबले प्रीमियम प्रतिशत अधिक दिखाई देता है।
| IPO Name | GMP (Grey Market Premium) | Upper Price Band | Estimated Listing Price / Return % (Approx.) |
| Jindal Supreme IPO | ₹30 | ₹123 | करीब 32.26% |
| NSE IPO | ₹142 | ₹1,927 | करीब 7.96% |
| Hero Motors IPO | ₹5.50 | ₹89.50 | करीब 6.55% |
यह तुलना केवल उपलब्ध ग्रे मार्केट संकेतों पर आधारित है। GMP में बदलाव होने पर संभावित कीमत और प्रतिशत भी बदल सकते हैं।
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छोटे इश्यू का GMP इतना मजबूत क्यों?
Jindal Supreme IPO का कुल आकार करीब ₹124.88 करोड़ है। इसमें लगभग ₹99.89 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹24.99 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल है।
छोटे इश्यू में उपलब्ध शेयरों की संख्या और बाजार में मांग के बीच संतुलन GMP को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि कम इश्यू साइज वाले IPO में कभी-कभी प्राइस बैंड के मुकाबले GMP प्रतिशत अधिक दिखाई देता है।
दूसरी तरफ, NSE का IPO आकार काफी बड़ा है और इसमें पूरी तरह OFS शामिल है। NSE के मामले में GMP राशि अधिक होने के बावजूद उसके ऊंचे इश्यू प्राइस की वजह से प्रतिशत प्रीमियम तुलनात्मक रूप से कम दिखाई देता है।
Jindal Supreme IPO की महत्वपूर्ण तारीखें
Jindal Supreme IPO के लिए सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया 16 सितंबर 2026 से शुरू हुई और 18 सितंबर 2026 को बंद हो रही है। इसके बाद शेयर अलॉटमेंट 21 सितंबर 2026 को होने की संभावना है। सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट होने के बाद कंपनी के शेयरों की 23 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्टिंग प्रस्तावित है।
NSE IPO की तारीखें भी जानें
NSE IPO के लिए बोली प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू हुई है और निवेशक 21 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है, जबकि NSE के शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर 2026 को होने की संभावना है।
GMP पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना सही?
IPO निवेशकों के बीच GMP एक लोकप्रिय संकेतक है, लेकिन इसका कोई आधिकारिक दर्जा नहीं है। यह अनलिस्टेड और अनौपचारिक बाजार में शेयर की मांग और धारणा को दर्शाता है।
GMP में लिस्टिंग से पहले ही तेजी या गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, ग्रे मार्केट में दिखने वाला प्रीमियम जरूरी नहीं कि NSE या BSE पर वास्तविक लिस्टिंग प्राइस में बदल जाए।
इसलिए Jindal Supreme IPO, NSE IPO या किसी अन्य पब्लिक इश्यू में निवेश का फैसला केवल GMP देखकर नहीं लेना चाहिए। कंपनी के वित्तीय नतीजे, कारोबार, वैल्यूएशन, IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल और जोखिमों को भी IPO दस्तावेजों के आधार पर समझना जरूरी है।
निवेशकों की नजर अब अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर
Jindal Supreme IPO की बोली प्रक्रिया आज समाप्त हो रही है। ऐसे में निवेशकों की नजर अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और उसके बाद होने वाले शेयर अलॉटमेंट पर रहेगी।
ग्रे मार्केट में मौजूदा प्रीमियम भले ही मजबूत संकेत दे रहा हो, लेकिन शेयर की वास्तविक कीमत लिस्टिंग के बाद बाजार की मांग और आपूर्ति से तय होगी। इसलिए GMP को केवल एक अनौपचारिक बाजार संकेत के तौर पर देखना बेहतर है।

