यूपी में मान्यता प्राप्त पत्रकारों और आश्रितों के इलाज के लिए ₹42 लाख मंजूर हुए। हरियाणा में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने की उम्मीद बढ़ी।
पत्रकारों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ₹42 लाख की वित्तीय स्वीकृति जारी की है।
इस फैसले का मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन ने स्वागत किया है। संगठन ने इसी के साथ हरियाणा सरकार से पत्रकारों के लिए पहले घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को जल्द लागू करने की मांग भी दोहराई है।
यूपी में पत्रकार कल्याण कोष से ₹42 लाख की मंजूरी
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में पत्रकार कल्याण कोष के अंतर्गत 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित की गई है।
बताया गया है कि इस सहायता को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत चिकित्सा सुविधा से जोड़ा गया है। संबंधित विभाग को स्वीकृत राशि का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और वित्तीय प्रावधानों के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन ने फैसले का किया स्वागत
मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले को पत्रकार कल्याण से जुड़ी पहल बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के साथ उनके आश्रित परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सा सहायता मिलने से पात्र पत्रकारों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक मदद मिल सकती है।
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हरियाणा में कैशलेस इलाज योजना का इंतजार
उत्तर प्रदेश में वित्तीय सहायता की घोषणा के बाद हरियाणा में पत्रकारों के लिए पहले घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस सुविधा को जल्द लागू करने की अपील की है।
उनके मुताबिक, हरियाणा सरकार की ओर से पत्रकारों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। अब पत्रकार समुदाय इसके वास्तविक क्रियान्वयन का इंतजार कर रहा है।
पत्रकारों और उनके परिवारों को मिल सकती है राहत
कैशलेस उपचार सुविधा लागू होने पर पात्र पत्रकारों और उनके आश्रित परिवारों को इलाज के समय भुगतान संबंधी परेशानी कम होने की उम्मीद है। इससे गंभीर बीमारी या अचानक होने वाली स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के दौरान परिवारों को सुविधा मिल सकती है।
एसोसिएशन ने सरकार से योजना को लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आग्रह किया है।
पत्रकार कल्याण में स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
चंद्र शेखर धरणी ने कहा कि पत्रकार लगातार अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाते हैं। ऐसे में पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना कल्याणकारी नीतियों का अहम हिस्सा है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकार कल्याण कोष के तहत राशि मंजूर किए जाने को सकारात्मक कदम बताया और हरियाणा में भी घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को जल्द लागू किए जाने की उम्मीद जताई।
अब हरियाणा सरकार के फैसले पर नजर
उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के लिए चिकित्सा सुविधा हेतु ₹42 लाख की वित्तीय स्वीकृति के बाद हरियाणा के पत्रकार संगठनों की नजर राज्य में प्रस्तावित कैशलेस उपचार सुविधा के क्रियान्वयन पर है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से इस दिशा में जल्द कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
हालांकि, हरियाणा में योजना के वास्तविक क्रियान्वयन की तारीख और विस्तृत नियमों से संबंधित आधिकारिक जानकारी जारी होने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

