ग्वालियर में कृषि उत्पादन आयुक्त के.सी. गुप्ता ने उद्यानिकी फसलों और तेल मिल का निरीक्षण किया। किसानों को आधुनिक खेती और फसल गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में उद्यानिकी खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न कृषि गतिविधियों का निरीक्षण किया। प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी के.सी. गुप्ता ने जिले का दौरा कर किसानों के खेतों, तेल मिल इकाई और सब्जियों की खेती का जायजा लिया। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने वाले किसानों के प्रयासों की सराहना की और फसल उत्पादन, गुणवत्ता तथा किसानों की समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया।
दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाया जाए। साथ ही फसलों में लगने वाले रोगों की पहचान कर समय पर उपचार और आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
पीएमएफएमई योजना के तहत तेल मिल इकाई का निरीक्षण
भ्रमण के दौरान के.सी. गुप्ता ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत स्वीकृत तेल मिल इकाई का निरीक्षण किया। यह इकाई श्री धर्मेन्द्र राणा की है, जिसके लिए 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने तेल उत्पादन की प्रक्रिया, पैकिंग व्यवस्था, सालभर में होने वाले उत्पादन और इकाई से प्राप्त होने वाले लाभ की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित इकाई में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग से हो रही गुलाब, मिर्च और टमाटर की खेती
इसके बाद कृषि उत्पादन आयुक्त ग्राम वरई पहुंचे, जहां उन्होंने किसान रजनीश पाण्डेय के खेतों का निरीक्षण किया। किसान यहां ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाकर पांच-पांच बीघा क्षेत्र में गुलाब, मिर्च और टमाटर की खेती कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त खेतों में प्याज और ग्लेडियोलस का उत्पादन भी किया जा रहा है।
के.सी. गुप्ता ने आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और खेती में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। फसलों में दिखाई दे रहे रोगों को नियंत्रित करने के लिए उन्होंने उपयुक्त दवाओं के छिड़काव की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को तकनीकी जानकारी देने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जाए।
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दोरार और सहसारी गांवों में सब्जी उत्पादन का लिया जायजा
निरीक्षण के अगले चरण में के.सी. गुप्ता ग्राम दोरार पहुंचे। यहां उन्होंने किसान बाईसराम धाकड़, पंकज चौधरी और सिद्धार्थ बघेल के खेतों में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक से उगाई जा रही मिर्च की फसल देखी।
इसके बाद ग्राम सहसारी में किसान राधाकृष्ण धाकड़ और करन सिंह धाकड़ के खेतों का दौरा किया। यहां मिर्च, फूलगोभी, करेला, बैंगन और अन्य सब्जियों की खेती का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बाजार में बिक्री के लिए तैयार उपज की ग्रेडिंग और पैकिंग की प्रक्रिया भी देखी। इस दौरान किसानों से खेती में आने वाली कठिनाइयों, फसलों में लगने वाले रोगों और उत्पादन से जुड़ी समस्याओं के बारे में चर्चा की गई।
किसानों को समय पर मिले दवाएं और तकनीकी सहायता
कृषि उत्पादन आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को किसानों के खेतों का अलग से भ्रमण कर वास्तविक स्थिति समझने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उन्हें तुरंत दूर किया जाए। वहीं, जिन मामलों में भोपाल स्तर से निर्णय लेना आवश्यक हो, उनकी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर उचित कार्रवाई हो सके।
फसलों में रोगों की रोकथाम के लिए किसानों को समय पर उपयुक्त दवाएं उपलब्ध कराने और कृषि विशेषज्ञों के माध्यम से तकनीकी सलाह देने पर भी जोर दिया गया।
आधुनिक उद्यानिकी से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में उद्यानिकी गतिविधियों की प्रगति का आकलन करना और खेती की गुणवत्ता में सुधार के उपायों को बढ़ावा देना रहा। ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, बेहतर फसल प्रबंधन, ग्रेडिंग और पैकिंग जैसी प्रक्रियाएं किसानों को गुणवत्तापूर्ण उपज तैयार करने और बाजार में बेहतर अवसर हासिल करने में मदद कर सकती हैं।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त संचालक उद्यान, ग्वालियर एवं चंबल संभाग अरुण कुमार गोयल, सहायक संचालक उद्यान ग्वालियर एम.पी.एस. बुंदेला, राजकुमार मिथोरिया और घाटीगांव के प्रभारी वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी दिनेश सिंह धाकड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

