China 10G network 2025: चीन का 10G ब्रॉडबैंड नेटवर्क विश्व में पहला नहीं है, लेकिन भारत से लगभग 100 गुना तेज है।
China 10G network 2025: हाल ही में कुछ वेबसाइट्स ने कहा कि चीन ने विश्व का पहला 10G ब्रॉडबैंड नेटवर्क शुरू किया है, लेकिन यह दावा पूरी तरह से गलत है। दरअसल, साउथ कोरिया, जापान और रोमानिया जैसे देशों में पहले से ही उच्च स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध है। चीन का नेटवर्क तेज और विकसित है, लेकिन इसे विश्व में ‘पहला’ कहना गलत होगा।
क्या है 10G ब्रॉडबैंड और कैसे अलग है ये?
10G ब्रॉडबैंड में “G” का अर्थ है “गीगाबिट”, न कि मोबाइल नेटवर्क में प्रयोग होने वाले “जनरेशन”। 10 गीगाबिट प्रति सेकंड की स्पीड वाला वायर्ड फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट कनेक्शन यह है। यानी 20 सेकंड में 20 GB की 4K मूवी डाउनलोड कर सकते हैं। जबकि भारत में औसत स्पीड अभी भी 60 Mbps के आसपास है, इसकी स्पीड लगभग 9,834 Mbps है।
सिर्फ सुनान नहीं, प्रोजेक्ट कई शहरों में शुरू हुआ है
चीन ने हुबेई प्रांत के सुनान काउंटी में 10G नेटवर्क शुरू किया है, लेकिन कुछ रिपोर्टें गलत हैं। वास्तव में, चीन ने इस तकनीक के पायलट परियोजनाओं को पूरे देश में शुरू किया है। इनमें शियोंगान, शंघाई और ग्वांगडोंग शामिल हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा जनवरी 2025 में हुई थी और तब से देश भर में लागू हो रहा है।
10G को पहले ही कई देशों ने अपनाया है
चीन, बेशक, तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन साउथ कोरिया, जापान, यूएस, यूके और यूएई ने 10G ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहले ही शुरू कर दिए हैं। ये नेटवर्क मुख्य रूप से बिजनेस और स्मार्ट टेक्नोलॉजी में लागू होते हैं।
भारत का स्थान क्या है?
10G स्पीड में भारत और चीन का अंतर स्पष्ट है। दिल्ली जैसे शहरों में कुछ प्रोवाइडर 1 Gbps तक के प्लान बताते हैं, लेकिन असली स्पीड 77 Mbps से कम नहीं है। मार्च 2025 तक भारत की औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड 58.62 Mbps रही, जिससे देश विश्व में 87वें स्थान पर था। 10G नेटवर्क भी भारत से लगभग 100 गुना तेज हैं।
कहाँ-कहां ये हाई-स्पीड नेटवर्क उपयोगी होंगे?
10G ब्रॉडबैंड केवल तेज इंटरनेट नहीं है। यह क्लाउड गेमिंग, रिमोट सर्जरी, टेलीमेडिसिन, स्मार्ट होम्स, स्मार्ट खेती और ऑटोनॉमस वाहनों को सपोर्ट करेगा। इस नेटवर्क के माध्यम से, चीन ने अपने स्मार्ट सिटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के सपने को साकार करने में बड़ा कदम उठाया है।
10G ब्रॉडबैंड नेटवर्क चीन में बहुत विकसित है। यह दुनिया में पहला नहीं है, लेकिन भारत जैसे देशों से बहुत आगे है। चीन ने अगली पीढ़ी की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर कदम बढ़ा दिया है, जबकि भारत अभी भी बेसिक हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए संघर्ष कर रहा है।
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