राजस्थान के बीकानेर में रबी सीजन 2026-27 के लिए 5.75 लाख हेक्टेयर बुवाई का लक्ष्य तय। किसानों को खाद की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान जारी।
राजस्थान के बीकानेर जिले में रबी सीजन 2026-27 के दौरान 5.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग ने किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त स्टॉक रखने और खाद की आपूर्ति पर लगातार निगरानी करने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही उर्वरकों की गुणवत्ता बनाए रखने और कृषि आदान विक्रेताओं की अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
सरसों, चना और गेहूं की बुवाई पर रहेगा जोर
कृषि आयुक्तालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीकानेर जिले में इस रबी सीजन के लिए अलग-अलग फसलों के बुवाई लक्ष्य तय किए गए हैं। संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल ने बताया कि इस वर्ष सरसों की बुवाई 1.90 लाख हेक्टेयर, चने की 1.50 लाख हेक्टेयर और गेहूं की 1.20 लाख हेक्टेयर भूमि पर करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा तारामीरा की बुवाई 20 हजार हेक्टेयर और जौ की बुवाई 15 हजार हेक्टेयर में प्रस्तावित है। वहीं, जीरा, मेथी, इसबगोल सहित अन्य फसलों के लिए कुल 80 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि विभाग के अनुसार, सिंचित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को देखते हुए वास्तविक बुवाई का रकबा निर्धारित लक्ष्य से अधिक भी हो सकता है।
बीकानेर में खाद का पर्याप्त स्टॉक, किसानों को राहत
रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही कृषि विभाग किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जुटा है। विभाग ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर अनावश्यक चिंता करने की जरूरत नहीं है।
वर्तमान में बीकानेर जिले में विभिन्न उर्वरकों का उपलब्ध स्टॉक इस प्रकार है:
- यूरिया: 11,559 मीट्रिक टन
- डीएपी: 1,899 मीट्रिक टन
- एसएसपी: 4,355 मीट्रिक टन
- एनपीके: 1,675 मीट्रिक टन
- एमओपी: 587 मीट्रिक टन
कृषि विभाग के अनुसार, किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खाद की आपूर्ति, वितरण और उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि बुवाई के समय उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
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खाद की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान
किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की बिक्री में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए कृषि विभाग ने विशेष रबी गुणवत्ता नियंत्रण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत कृषि आदान निरीक्षकों द्वारा खाद विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरीक्षण प्रक्रिया को मजबूत बनाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य किसानों तक निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद पहुंचाना है।
Raj Agri QC ऐप से होगी ऑनलाइन निगरानी
कृषि आदानों की जांच को पारदर्शी बनाने और विक्रेताओं की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखने के लिए विभाग ने राज एग्री क्यूसी (Raj Agri QC) मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन निरीक्षण की व्यवस्था लागू की है।
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल के निर्देशानुसार जिले के कृषि आदान निरीक्षक इस ऐप के जरिए उर्वरकों की जांच कर रहे हैं। डिजिटल निगरानी से निरीक्षण प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने और गुणवत्ता नियंत्रण अभियान को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
खाद के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने का दबाव बनाने पर कार्रवाई
कृषि विभाग ने उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य टैगिंग रोकने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई विक्रेता किसानों को खाद के साथ अतिरिक्त उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करता है या अन्य अनियमितता करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य रबी सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना, कृषि आदान बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना और फसलों की बुवाई को सुचारु बनाए रखना है।

