बालाघाट के मुरकुड़ा गांव में किसान ने 65 डिसमिल जमीन पर तिल की खेती शुरू की। कृषि विभाग ने खेत का निरीक्षण कर बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में किसानों को तिल जैसी तिलहनी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में किरनापुर तहसील के मुरकुड़ा गांव के किसान प्रणय कावरे ने करीब 65 डिसमिल भूमि में तिल की फसल लगाई है। कृषि विभाग की टीम ने खेत का निरीक्षण कर किसान को फसल की बेहतर देखभाल और उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी दी।
तिल की फसल की कराई गई गिरदावरी
किसान द्वारा लगाए गए तिल की फसल का रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने पटवारी के साथ समन्वय किया। इसके बाद खेत में तिल की फसल की गिरदावरी की प्रक्रिया पूरी की गई। इससे संबंधित फसल का विवरण सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
कृषि अधिकारियों ने खेत का किया निरीक्षण
तिल की खेती को लेकर कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों ने किसान के खेत का दौरा किया। इस दौरान फसल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया गया और किसान को तिल की फसल से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक खेती से जुड़ी जानकारी दी गई।
कृषि विभाग ने किसान को फसल की नियमित निगरानी करने, समय पर जरूरी कृषि कार्य पूरा करने और फसल की अवस्था के अनुसार उचित प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। अधिकारियों ने उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर भी जोर दिया।
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तिलहनी फसलों की खेती के लिए किसानों को किया जा रहा प्रोत्साहित
कृषि विभाग की ओर से किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ तिल सहित अन्य तिलहनी फसलों की खेती के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य खेती में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों को अतिरिक्त आय के विकल्प उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि किसानों को फसल की बुवाई से लेकर देखभाल और कटाई तक सही तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहे, तो उत्पादन और उत्पादकता में सुधार की संभावना बढ़ सकती है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
किसान को बेहतर उत्पादन की उम्मीद
किसान प्रणय कावरे कृषि विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर तिल की फसल की देखभाल कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि वैज्ञानिक सलाह और समय पर किए जाने वाले कृषि कार्यों की मदद से फसल का अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा।
बालाघाट में तिल की खेती को लेकर यह पहल किसानों के बीच तिलहनी फसलों के प्रति रुचि बढ़ाने और खेती के नए विकल्पों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

