जबलपुर में मत्स्य विभाग ने बीज प्रक्षेत्र और बायोफ्लॉक इकाइयों का निरीक्षण किया। किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन और आय बढ़ाने की तकनीक बताई।
जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक मत्स्य गिरीश मेश्राम ने मत्स्य विभाग के कार्यालय और कटरा स्थित मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य बीज उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मत्स्य बीज उत्पादन की वर्तमान व्यवस्था, विभागीय गतिविधियों और प्रक्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी संयुक्त संचालक को दी। श्री मेश्राम ने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विभागीय कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के संबंध में अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया।
प्रगतिशील मत्स्य किसानों की इकाइयों का भी किया दौरा
मत्स्य बीज प्रक्षेत्र के निरीक्षण के बाद संयुक्त संचालक ने क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से मछली पालन कर रहे किसानों की इकाइयों का भ्रमण किया। उन्होंने ग्राम कोन्डरा पहुंचकर मत्स्य कृषक आदित्य साहु की बायोफ्लॉक इकाई का निरीक्षण किया।
इसके बाद ग्राम जंतीपुर में धनंजय पटेल की पॉण्ड बायोफ्लॉक इकाई को भी देखा। दोनों इकाइयों में उन्होंने मछली पालन की व्यवस्थाओं और उत्पादन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली।
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किसानों से लागत और आमदनी की ली जानकारी
दौरे के दौरान संयुक्त संचालक ने मत्स्य किसानों से उनकी उत्पादन प्रक्रिया, प्रबंधन, लागत और आय से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किसानों से बायोफ्लॉक तकनीक के इस्तेमाल से होने वाले लाभ और सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की।
किसानों को बायोफ्लॉक तकनीक का बेहतर प्रबंधन करने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने के संबंध में जरूरी सुझाव दिए गए। अधिकारियों ने आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी बनाने पर जोर दिया।
कम जगह और पानी में बढ़ाया जा सकता है उत्पादन
संयुक्त संचालक गिरीश मेश्राम ने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य किसान कम क्षेत्रफल और सीमित जल संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं। बायोफ्लॉक जैसी तकनीक मत्स्य पालन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में उपयोगी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ मत्स्य पालन करने से किसानों के उत्पादन और आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। विभाग की ओर से किसानों को तकनीकी जानकारी देने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक मत्स्योद्योग हेमंत भगत, मत्स्य निरीक्षक पी.के. वैध सहित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। संबंधित मत्स्य कृषकों ने भी अधिकारियों को अपनी इकाइयों से जुड़ी जानकारी दी।
मत्स्य विभाग के इस निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में मत्स्य पालन की गतिविधियों को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना और उत्पादन के साथ उनकी आय बढ़ाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा।

