कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के तहत आज कुरुक्षेत्र में अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत, विद्वान, धर्माचार्य और प्रबंधन विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुँचे नेताओं और संतजनों ने मंदिर प्रशासन, आध्यात्मिक पर्यटन तथा भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्यजनों में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नैयब सैनी (@NayabSainiBJP), स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, एवं अन्य प्रमुख संत और विद्वान शामिल थे। सम्मेलन में वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और मंदिर व्यवस्था की प्राचीन परंपराओं को तकनीक और प्रबंधन के नए आयामों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
संAddress्त में कहा गया कि कुरुक्षेत्र—जिसे गीता की पावन भूमि के रूप में विश्वभर में सम्मान प्राप्त है—ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल धार्मिक चेतना को जागृत करता है, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन और सामाजिक विकास को भी नई दिशा देता है।
वक्ताओं ने देवस्थानम के संरक्षण, प्रबंधन, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बेहतर नीतियों और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन का उद्देश्य देशभर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना और उनके प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाना रहा।
अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन के सफल आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के महत्व और भी बढ़ा दिया है।
Delighted to attend and address the Akhil Bhartiya Devsthanam Sammelan, held on the sidelines of the International Gita Mahotsav 2025 in Kurukshetra today.
With our Hon’ble Chief Minister of Haryana, Shri. @NayabSainiBJP Ji, Swami Gyananand Ji Maharaj, and dignitaries. pic.twitter.com/FcSde61FRR
— CP Radhakrishnan (@CPR_VP) November 30, 2025

