राजस्थान के श्रीगंगानगर की 30 महिला किसान आत्मा योजना के तहत जोधपुर में 5 दिवसीय प्रशिक्षण लेंगी। हाईटेक बागवानी, एकीकृत कृषि प्रणाली और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकें सीखेंगी।
कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आधुनिक खेती की तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर जिले की 30 महिला किसानों का दल पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए जोधपुर रवाना हुआ। राजस्थान कृषि विभाग की आत्मा (ATMA) योजना के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला कृषकों को उन्नत बागवानी और एकीकृत कृषि प्रणाली से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
महिला किसानों का यह प्रशिक्षण किसान कौशल विकास केंद्र, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कृषकों को नवीन कृषि तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित करना है।
कृषि अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर दल को किया रवाना
श्रीगंगानगर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों से चयनित महिला किसानों के प्रशिक्षण दल को कृषि विभाग के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. सतीश कुमार शर्मा, उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) केशव कालीराना, सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) सुशील शर्मा, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) सुदेश कुमार और सहायक प्रशासनिक अधिकारी विजय सियाग मौजूद रहे।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के माध्यम से महिला किसानों को खेती की नई पद्धतियों को समझने और अपने खेतों में उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
also read: हरदा में स्मार्ट फिश पार्लर के लिए आवेदन शुरू, 27 अक्टूबर तक मिलेगा मौ…
हाईटेक बागवानी और एकीकृत कृषि प्रणाली की सीखेंगी तकनीक
उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) केशव कालीराना के अनुसार, पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के दौरान महिला कृषकों को एकीकृत कृषि प्रणाली के अंतर्गत उन्नत हाईटेक बागवानी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और खेती की उत्पादकता बढ़ाने से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे महिला किसानों को बदलती कृषि परिस्थितियों के अनुरूप अपनी खेती को विकसित करने में मदद मिल सकती है।
कृषि कॉलेज और प्राकृतिक खेती वाले खेतों का भी करेंगी भ्रमण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा गया है। महिला किसानों के दल को कृषि कॉलेज के साथ प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के खेतों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
इस दौरान महिला कृषक प्राकृतिक खेती की पद्धतियों और खेतों में अपनाई जा रही तकनीकों को करीब से देख सकेंगी। व्यावहारिक अनुभव के जरिए वे यह समझ पाएंगी कि आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कैसे अपनाया जा सकता है।
आत्मा योजना से महिला किसानों को मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन
कृषि विभाग की आत्मा योजना के अंतर्गत आयोजित यह प्रशिक्षण महिला किसानों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आधुनिक बागवानी, एकीकृत कृषि प्रणाली और प्राकृतिक खेती की जानकारी मिलने से किसानों को खेती में नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
प्रशिक्षण दल के साथ कृषि पर्यवेक्षक सुश्री अर्चना प्रभारी और सुश्री परमजीत कौर सहप्रभारी के रूप में जोधपुर गई हैं। यह कार्यक्रम श्रीगंगानगर की महिला कृषकों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नवीन तकनीकों और संभावनाओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

