नर्मदापुरम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने पराली प्रबंधन के निर्देश दिए। किसानों को जागरूक करने, कृषि मशीनों के उपयोग और नियमों के पालन पर जोर दिया गया।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन, किसानों को जागरूक करने और पराली निस्तारण के वैकल्पिक तरीकों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकना और उपलब्ध कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने और उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए।
पराली जलाने पर रोक के लिए गांवों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों और उनके उचित निस्तारण के उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दें।
उन्होंने निर्देश दिए कि पराली जलाने से अधिक प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए। इन क्षेत्रों में एसडीएम के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीमें भेजी जाएंगी, जो किसानों से चर्चा कर उन्हें पराली जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
इसके साथ ही पराली प्रबंधन को लेकर आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने और उनका प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
also read: पीएम धन-धान्य कृषि योजना में उमरिया को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान…
पराली प्रबंधन की मशीनों का पूरा उपयोग करने के निर्देश
प्रशासन ने फसल अवशेषों के निस्तारण के लिए उपलब्ध कृषि मशीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मशीनों की उपलब्धता और उनके उपयोग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि पराली का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सके।
फसल कटाई के बाद खेतों में बचने वाले अवशेषों का उचित निस्तारण करने से उन्हें खुले में जलाने की जरूरत कम हो सकती है। इसके लिए किसानों को उपलब्ध वैकल्पिक साधनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
हार्वेस्टर में एसएमएस सिस्टम नहीं होने पर होगी कार्रवाई
बैठक में कलेक्टर ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अटैचमेंट की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन हार्वेस्टर में निर्धारित एसएमएस अटैचमेंट नहीं होगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फसल कटाई के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाया जा सके और खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।
किसान संगोष्ठियों और कार्यशालाओं से बढ़ेगी जागरूकता
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पराली प्रबंधन को लेकर बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान संगोष्ठियों और कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान तथा फसल अवशेषों के प्रबंधन के वैकल्पिक तरीकों की जानकारी दी जाए।
उन्होंने कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा मैदानी स्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
जिला स्तरीय बैठक में अधिकारी रहे मौजूद
पराली प्रबंधन को लेकर आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन, उपसंचालक कृषि रविकांत सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जिले के सभी एसडीएम उपस्थित रहे।
प्रशासन की इस पहल के तहत किसानों को जागरूक करने, कृषि मशीनों का बेहतर उपयोग करने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पराली जलाने की घटनाओं को कम किया जा सके।

