तमिलनाडु की थायुमानवर योजना के तहत बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर बैठे राशन मिलेगा। जानें योजना के लाभ और खास बातें।
तमिलनाडु सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को राहत देने के लिए थायुमानवर योजना (Thayumanavar Scheme) की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की इस पहल के तहत पात्र लाभार्थियों के घर तक राशन की जरूरी वस्तुएं पहुंचाई जाएंगी। इसका उद्देश्य उन लोगों की परेशानी कम करना है, जिन्हें उम्र, दिव्यांगता या अन्य कारणों से राशन की दुकान तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
क्या है थायुमानवर योजना?
थायुमानवर योजना तमिलनाडु सरकार की एक जनकल्याणकारी पहल है। इसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग व्यक्तियों और ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र लोगों को घर पर राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे लाभार्थियों को हर महीने राशन लेने के लिए दुकानों तक जाने की जरूरत कम होगी।
21 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत राज्य के 20 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों और लगभग 1.3 लाख दिव्यांगजनों सहित बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना को राज्य की राशन वितरण व्यवस्था के माध्यम से लागू किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने के लिए प्रत्येक महीने के दूसरे शनिवार और रविवार को निर्धारित किया गया है। इससे पात्र लोगों को नियमित रूप से आवश्यक खाद्य सामग्री मिल सकेगी।
योजना पर खर्च होंगे ₹30.16 करोड़
तमिलनाडु सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए लगभग ₹30.16 करोड़ का अनुमानित बजट निर्धारित किया है। इसकी जिम्मेदारी सहकारिता विभाग को सौंपी गई है। योजना का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक सुविधाजनक और जरूरतमंदों के अनुकूल बनाना है।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अधिकारियों को दिए निर्देश
योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राशन वितरण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से बुजुर्गों तथा दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और सभी पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य की राशन दुकानों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
थायुमानवर योजना का उद्देश्य
इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को घर पर राशन उपलब्ध कराना।
- राशन की दुकानों तक आने-जाने की परेशानी कम करना।
- जरूरतमंद लोगों के लिए खाद्य सामग्री की उपलब्धता आसान बनाना।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाना।
- लाभार्थियों के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता देना।

