कर्नाटक सरकार कक्षा 6 से AI शिक्षा शुरू करने की तैयारी में है। 941 छात्र किसानों के खेतों का दौरा कर खेती के गुर सीखेंगे।
कर्नाटक सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा को आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। राज्य में अब कक्षा 6 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके अलावा, कक्षा 9वीं और 11वीं के 941 विद्यार्थियों को प्रगतिशील किसानों के खेतों का दौरा कराकर खेती की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराने की योजना भी बनाई गई है।
कक्षा 6 से शुरू हो सकती है AI की पढ़ाई
कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में फिलहाल कक्षा 9 के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब राज्य सरकार इस कार्यक्रम को छोटे विद्यार्थियों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और निजी कंपनियों के सहयोग से छठी कक्षा से ही AI प्रशिक्षण शुरू करने की संभावनाओं का आकलन किया जाए। इस संबंध में व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, गूगल ने भी स्कूलों में AI प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में रुचि दिखाई है। इसके साथ ही अधिकारियों को तेलंगाना में संचालित AI शिक्षा कार्यक्रमों का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वहां के अनुभवों से सीख लेकर कर्नाटक में प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सके।
941 विद्यार्थी किसानों के खेतों का करेंगे दौरा
कर्नाटक सरकार पढ़ाई को केवल कक्षा और किताबों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने पर भी ध्यान दे रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने शहरी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के कुल 941 विद्यार्थियों को प्रगतिशील किसानों के खेतों पर ले जाने की योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
इस पहल के तहत विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें कृषि कार्यों, किसानों की चुनौतियों और आधुनिक खेती के तरीकों के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिल सकती है।
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गांवों में ठहरने की भी होगी व्यवस्था
विद्यार्थियों के ग्रामीण भ्रमण को सुचारु बनाने के लिए उनके रात में ठहरने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को सामुदायिक भवनों और छात्रावासों जैसी उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्यक्रम को निजी स्कूलों तक भी पहुंचाने की योजना है। सरकार ने इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के विस्तार पर जोर
राज्य सरकार की योजना में स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी शामिल है। कर्नाटक में 1,000 कर्नाटक पब्लिक स्कूल (KPS) विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन स्कूलों के शिलान्यास की तैयारियां 14 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से 100 कर्नाटक पब्लिक स्कूल विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव लाना चाहती है सरकार?
कर्नाटक सरकार की इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभव उपलब्ध कराना है।
AI प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआती समझ देने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। वहीं, किसानों के खेतों का दौरा कराने से विद्यार्थियों को कृषि और ग्रामीण जीवन को समझने का अवसर मिलेगा।

