ब्रेंडन टेलर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में उतरते ही सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जानें टेलर के वनडे करियर और रिकॉर्ड की पूरी कहानी।
जिम्बाब्वे के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरारे में खेले जा रहे पहले वनडे में उतरते ही एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने के मामले में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया।
जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच मंगलवार, 15 सितंबर को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में पहला वनडे मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में मैदान पर उतरते ही 40 वर्षीय ब्रेंडन टेलर का वनडे करियर करीब 22 साल और 4 महीने का हो गया। इसके साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर के लगभग 22 साल और 3 महीने लंबे वनडे करियर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
2004 में शुरू हुआ था टेलर का वनडे सफर
ब्रेंडन टेलर ने अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में अपना पदार्पण 20 अप्रैल 2004 को श्रीलंका के खिलाफ किया था। इसके बाद उन्होंने जिम्बाब्वे क्रिकेट में लंबा सफर तय किया और टीम के प्रमुख बल्लेबाजों एवं विकेटकीपरों में अपनी जगह बनाई।
टेलर का करियर हालांकि लगातार एक जैसा नहीं रहा। वह एक समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे और बाद में आईसीसी के प्रतिबंध का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने दोबारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की और अब एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
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संन्यास के बाद वापसी और आईसीसी बैन
ब्रेंडन टेलर ने 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इसके बाद 2022 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एंटी-डोपिंग और एंटी-करप्शन नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में उन पर साढ़े तीन साल का प्रतिबंध लगाया था।
प्रतिबंध की अवधि पूरी होने के बाद टेलर ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर जिम्बाब्वे की टीम का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में उतरकर उन्होंने अपने लंबे वनडे करियर से जुड़ा यह खास रिकॉर्ड भी हासिल कर लिया।
रिकॉर्ड में तेंदुलकर से आगे, लेकिन रनों में काफी पीछे
वनडे क्रिकेट में सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने के मामले में टेलर ने सचिन तेंदुलकर को पीछे जरूर छोड़ा है, लेकिन कुल रन और मैचों की संख्या में दोनों के बीच काफी बड़ा अंतर है।
सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर में 463 मुकाबले खेलकर 18,426 रन बनाए थे। दूसरी ओर, ब्रेंडन टेलर के नाम अब तक 207 वनडे मैचों में 6,704 रन दर्ज हैं।
इस तरह रनों के मामले में तेंदुलकर का रिकॉर्ड टेलर से काफी आगे है। सचिन ने अपने शानदार वनडे करियर के दौरान बल्लेबाजी के कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें आज भी क्रिकेट के सबसे बड़े व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स में गिना जाता है।
ब्रेंडन टेलर की उपलब्धि क्यों है खास?
टेलर का यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि उनके वनडे करियर के बीच में संन्यास और आईसीसी प्रतिबंध जैसी परिस्थितियां आईं। इसके बावजूद उन्होंने दोबारा मैदान पर वापसी की और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सफर जारी रखा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरारे में मैदान पर उतरना उनके लिए सिर्फ एक और वनडे मैच नहीं रहा, बल्कि इसी मुकाबले के साथ उन्होंने वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली।

