बड़ी आंत में सूजन के लक्षण जैसे पेट दर्द, दस्त, गैस, ब्लोटिंग और वजन कम होने को न करें नजरअंदाज। जानें कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पेट से जुड़ी समस्याओं को अक्सर लोग गैस, अपच या खान-पान की गड़बड़ी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर पेट की परेशानी लंबे समय तक बनी रहे या बार-बार सामने आए, तो इसके पीछे आंतों से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। बड़ी आंत में सूजन कई कारणों से हो सकती है और इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग नजर आ सकते हैं।
बड़ी आंत में सूजन को सामान्य तौर पर कोलाइटिस कहा जाता है। इसके पीछे संक्रमण, इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर घर पर इसकी पुष्टि करना संभव नहीं है। लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
पेट दर्द और ऐंठन हो सकती है शुरुआत
बड़ी आंत से जुड़ी सूजन की स्थिति में पेट के निचले हिस्से में दर्द, मरोड़ या ऐंठन महसूस हो सकती है। कभी-कभी यह परेशानी कुछ समय के लिए होती है, जबकि कुछ लोगों में दर्द लगातार बना रह सकता है।
अगर पेट दर्द बार-बार हो रहा है या समय के साथ इसकी तीव्रता बढ़ रही है, तो इसे सामान्य गैस समझकर लंबे समय तक टालना उचित नहीं है।
बार-बार दस्त लगना
लगातार पतला या पानी जैसा मल आना भी आंतों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। बड़ी आंत में सूजन की कुछ स्थितियों में बार-बार दस्त की शिकायत देखी जा सकती है।
कुछ मामलों में मल के साथ म्यूकस या खून भी दिखाई दे सकता है। मल में खून नजर आने पर विशेष रूप से चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं।
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मल त्याग की आदत में अचानक बदलाव
अगर आपकी सामान्य बाउल हैबिट अचानक बदल गई है, तो इस पर ध्यान देना चाहिए। कुछ लोगों में दस्त की समस्या हो सकती है, जबकि अन्य में कब्ज या मल त्याग में परेशानी देखने को मिल सकती है। लंबे समय तक मल त्याग के पैटर्न में बदलाव बना रहे तो डॉक्टर से इसकी वजह जानने के लिए परामर्श किया जा सकता है।
पेट फूलना और ज्यादा गैस
पेट में अत्यधिक गैस, भारीपन और ब्लोटिंग भी आंतों से जुड़ी कई समस्याओं में दिखाई दे सकती है। हालांकि, सिर्फ गैस या पेट फूलने को बड़ी आंत में सूजन का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
खान-पान, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं और कई अन्य कारणों से भी ब्लोटिंग हो सकती है। यदि इसके साथ दर्द, दस्त या अन्य लगातार लक्षण मौजूद हों, तो जांच की जरूरत हो सकती है।
बिना कोशिश के वजन कम होना
अगर डाइट या एक्सरसाइज में बदलाव किए बिना वजन लगातार घट रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय से भूख कम लगना, कमजोरी और अनजाने में वजन कम होना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति में खुद से कोई निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर से संपर्क कर उचित जांच कराना बेहतर है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
यदि पेट की समस्या लगातार बनी हुई है या इसके साथ गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो सकता है। खासकर मल में खून, लगातार दस्त, तेज पेट दर्द, बिना वजह वजन कम होना, अत्यधिक कमजोरी या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच और अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं, जिससे परेशानी के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
केवल लक्षणों से न करें बीमारी की पहचान
बड़ी आंत में सूजन के लक्षण कई अन्य पाचन संबंधी समस्याओं से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए पेट दर्द, गैस या दस्त होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कोलाइटिस ही है।

