अमित शाह के नाम पर आए संदिग्ध कॉल को लेकर आप सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने जांच की मांग उठाई, कहा- राजनीतिक दबाव की कोशिशों से नहीं डरेंगे।
पंजाब की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब होशियारपुर से आम आदमी पार्टी के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर आए एक कथित संदिग्ध फोन कॉल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद संदिग्ध बताते हुए इसकी विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कॉल के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे उन्हें शुरुआत से ही संदेह हो गया था।
इस मामले के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इसे राजनीतिक दबाव और डराने की कोशिश बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
जन्मदिन के दिन आया संदिग्ध फोन कॉल
डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने बताया कि उनके जन्मदिन के अवसर पर उन्हें लगातार बधाई संदेश और फोन कॉल प्राप्त हो रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब पौने नौ बजे एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने पहले उनकी पहचान की पुष्टि की और फिर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनसे बात करना चाहते हैं।
सांसद के अनुसार, कुछ क्षण बाद दूसरी आवाज आई जिसने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान दिल्ली आने पर मुलाकात करने की बात भी कही गई। हालांकि पूरी बातचीत के दौरान उन्हें आवाज और बातचीत का तरीका असामान्य लगा।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से सामान्य रूप से आधिकारिक नंबरों या सरकारी संपर्क माध्यमों से बातचीत होती है, लेकिन यह कॉल पूरी तरह अलग प्रतीत हो रहा था। इसी कारण उन्हें इस पर शक हुआ।
आवाज और नंबर दोनों पर उठा संदेह
आप सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि कॉल करने वाले की आवाज उन्हें वास्तविक नहीं लगी। उन्होंने बताया कि जिस तरह से बातचीत की गई और जिस प्रकार का नंबर इस्तेमाल हुआ, उससे पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
डॉ. चब्बेवाल के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के नाम का इस्तेमाल कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीतिक शुचिता दोनों के लिए चिंता का विषय हैं।
also read : मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना बनी जीवनरक्षक, पंजाब में 5000 से अधिक दिल के मरीजों को मिला कैशलेस इलाज
एसएसपी होशियारपुर से की जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद ने तुरंत होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। उन्होंने मांग की कि कॉल के स्रोत, इस्तेमाल किए गए नंबर और इसके पीछे शामिल व्यक्तियों की पहचान की जाए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इस कॉल के पीछे मकसद क्या था। सांसद ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की राजनीतिक साजिश या दबाव की रणनीति सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक दबाव के आरोपों से बढ़ा विवाद
डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराने और मानसिक दबाव बनाने के लिए इस तरह की रणनीतियां अपनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता इस तरह के दबाव या राजनीतिक हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवैधानिक पदों और वरिष्ठ नेताओं के नाम का इस्तेमाल करके भ्रम फैलाना बेहद गंभीर मामला है। इससे राजनीतिक वातावरण और जनता के विश्वास दोनों पर असर पड़ सकता है।
पंजाब की राजनीति में तेज हुई चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार बहस हो रही है।
कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे केवल एक संदिग्ध कॉल का मामला मान रहे हैं। हालांकि अब सभी की नजर जांच एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
विपक्षी नेताओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस विवाद के बाद विपक्षी नेताओं की सुरक्षा और संचार व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी बड़े नेता के नाम का इस्तेमाल करके इस तरह कॉल किए जा रहे हैं, तो यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है।
इसके अलावा यह मामला डिजिटल सुरक्षा, राजनीतिक पारदर्शिता और जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी नई बहस खड़ी कर सकता है।
निष्पक्ष जांच की मांग हुई तेज
डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल मामले की सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण हैं और किसी भी प्रकार की राजनीतिक चालबाजी को उजागर किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई शरारती तत्व वरिष्ठ नेताओं के नाम का दुरुपयोग कर रहा है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

