कोरियन स्टार किम सू ह्यून ने किम साए रोन के साथ रोमांटिक रिश्ते के आरोपों को फिर नकारा, कॉस्मेटिक ब्रांड ने 2.86 बिलियन वॉन के मुआवजे की मांग करते हुए कोर्ट में केस दायर किया।
दक्षिण कोरिया के लोकप्रिय अभिनेता किम सू ह्यून एक बार फिर चर्चा में हैं। दिवंगत अभिनेत्री किम साए रोन के साथ कथित रिश्ते को लेकर चल रहा विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। इस मामले में एक कॉस्मेटिक कंपनी ने अभिनेता और उनकी एजेंसी के खिलाफ करीब 2.86 बिलियन वॉन (लगभग करोड़ों रुपये) के मुआवजे की मांग करते हुए केस दर्ज किया है।
कोर्ट में हुई दूसरी सुनवाई
13 मार्च को सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इस मामले की दूसरी सुनवाई हुई। यह मुकदमा कंपनी ‘ए’ की ओर से अभिनेता किम सू ह्यून और उनकी एजेंसी गोल्ड मेडलिस्ट के खिलाफ दायर किया गया है। कोर्ट की 22वीं सिविल डिवीजन इस मामले की सुनवाई कर रही है।
अदालत ने फिलहाल एक यूट्यूब चैनल प्रमुख के खिलाफ दायर मानहानि मामले के परिणाम का इंतजार करने का फैसला किया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
क्या हैं आरोप?
कंपनी का आरोप है कि किम सू ह्यून का नाम दिवंगत अभिनेत्री किम साए रोन के साथ कथित रिश्ते को लेकर विवाद में सामने आया, जिससे ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचा।
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कंपनी का कहना है कि अभिनेता ने पहले इस रिश्ते से इनकार किया था, लेकिन बाद में कहा कि दोनों के बीच संबंध तब बने जब अभिनेत्री वयस्क थीं। कंपनी के अनुसार, यह विवाद ब्रांड के विज्ञापन मॉडल की गरिमा से जुड़े अनुबंध का उल्लंघन हो सकता है।
किम सू ह्यून ने आरोपों को किया खारिज
किम सू ह्यून ने अदालत में इन सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए दावे सही नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई संबंध था भी, तो वह तब शुरू हुआ जब दूसरी व्यक्ति वयस्क थी।
अभिनेता के वकीलों ने कहा कि अफवाहों के आधार पर किसी अनुबंध को खत्म करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दो वयस्क लोगों के बीच दोस्ती या संबंध को गरिमा का उल्लंघन बताना समझ से परे है।
कॉस्मेटिक ब्रांड की मुआवजे की मांग
कंपनी ‘ए’ का कहना है कि यदि कोई मॉडल अनुबंध में तय गरिमा की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसे मॉडल फीस का दोगुना भुगतान करना होता है। इसी आधार पर कंपनी ने करीब 2.86 बिलियन वॉन के मुआवजे की मांग की है।
हालांकि किम सू ह्यून का कहना है कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है, इसलिए अनुबंध समाप्त करने या मुआवजा देने का कोई कारण नहीं बनता।
फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और अंतिम फैसला आने का इंतजार किया जा रहा है।

