कुरुक्षेत्र, हरियाणा।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर कुरुक्षेत्र में भक्ति और संस्कृति की अनोखी छटा देखने को मिल रही है। प्रदेशभर से आए श्रद्धालु और संत-समाज के प्रतिनिधि गीता ज्ञान की अमृतवाणी सुनने के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
स्थानीय जनसमुदाय में चर्चित लोक पंक्तियाँ—
“जै बंदे तन्नै सुणना गीता ज्ञान, म्हारे कुरूक्षेत्र म्ह आइए…
जै बंदे तन्नै सुणना गीता ज्ञान, म्हारे हरियाणै म्ह आइए…
साधु संत का भगवा बाणा, शीस झुकावै याणा-स्याणा…
ओ बंदे तन्नै मिलज्यांगे भगवान, म्हारे कुरूक्षेत्र म्ह आइए…”
—महोत्सव के माहौल को और भी आध्यात्मिक बना रही हैं।
गीता उपदेश, संत प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विशाल संत-संमेलन में हर उम्र के लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। भगवा वेश में साधु-संतों की उपस्थिति ने वातावरण को और पवित्र बना दिया है। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सभी वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, यातायात और सुविधा व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।
अधिकारियों ने बताया कि गीता महोत्सव के दौरान देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों के लिए विशेष स्वागत केंद्र, चिकित्सा शिविर और सांस्कृतिक प्रदर्शनी की व्यवस्था भी की गई है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का संदेश—“शांति, अध्यात्म और मानवता की राह”—हर आगंतुक के मन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार कर रहा है।
जै बंदे तन्नै सुणना गीता ज्ञान, म्हारे कुरूक्षेत्र म्ह आइए…
जै बंदे तन्नै सुणना गीता ज्ञान, म्हारे हरियाणै म्ह आइए…
साधु संत का भगवा बाणा, शीस झुकावै याणा-स्याणा…
ओ बंदे तन्नै मिलज्यांगे भगवान, म्हारे कुरूक्षेत्र म्ह आइए…#InternationalGitaMahotsav #GitaJayanti pic.twitter.com/KrWlMYieRe— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 1, 2025

