विशेष अभियान 6 के तहत सामाजिक न्याय विभाग ने स्वच्छता, फाइल प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटारे पर जोर दिया। जानें अभियान की प्रमुख गतिविधियां।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने, फाइलों का बेहतर प्रबंधन करने और लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से विशेष अभियान 6 (Special Campaign 6) शुरू किया है। वर्ष 2026 के लिए इस अभियान का तैयारी चरण 17 सितंबर से शुरू हुआ, जबकि कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से प्रारंभ किया गया। अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां 30 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेंगी।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत करना, कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाना और स्वच्छता को दैनिक कार्यशैली का हिस्सा बनाना है। विभाग इस अभियान के माध्यम से स्वच्छ भारत और विकसित भारत के व्यापक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
सुधांश पंत ने अधिकारियों और कर्मचारियों को दिलाई स्वच्छता की शपथ
विशेष अभियान 6 की तैयारी के दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने 17 सितंबर 2026 को विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। अन्य स्थानों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों से इस कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर कार्यस्थलों को स्वच्छ रखने और सरकारी रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही, लंबित फाइलों और मामलों की संख्या घटाने तथा कार्यालयों में कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
विभाग का मानना है कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यालय न केवल कार्यक्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने में भी योगदान देते हैं।
बीएल वर्मा के नेतृत्व में दिल्ली में हुआ श्रमदान
स्वच्छता अभियान के अंतर्गत 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के पहाड़गंज स्थित महिला इमदाद समिति (MIC) परिसर में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने इस गतिविधि में भाग लेते हुए स्वच्छता कार्यों का नेतृत्व किया।
कार्यक्रम में परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई की गई। इस दौरान मंत्री ने लोगों से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखने, बल्कि इसे अपनी रोजमर्रा की आदत बनाने की अपील की।
उन्होंने सामूहिक भागीदारी को स्वच्छता अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
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फाइलों के रखरखाव और लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान
विशेष अभियान 6 के तहत विभाग का ध्यान केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है। सरकारी कार्यालयों में रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने, पुरानी फाइलों की समीक्षा करने और अनावश्यक कागजात की छंटाई करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- कार्यालय परिसरों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना।
- सरकारी दस्तावेजों और फाइलों को व्यवस्थित रखना।
- लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे को प्रोत्साहित करना।
- कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- कार्यालयों में बेहतर कार्य वातावरण और जवाबदेही को बढ़ावा देना।
इन प्रयासों के माध्यम से विभाग सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
स्वच्छता जागरूकता के लिए आशुभाषण प्रतियोगिता आयोजित
अभियान के तहत 28 सितंबर 2026 को विभाग की ओर से ‘स्वच्छता पहल’ विषय पर आशुभाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इसका उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, फाइलों की छंटाई तथा कार्यालयों की साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
प्रतियोगिता में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छ कार्यालय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपने विचार साझा किए।
इस गतिविधि के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
स्वच्छ भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगा बढ़ावा
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग का विशेष अभियान 6 स्वच्छता को संस्थागत कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई, दस्तावेजों के उचित रखरखाव और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विभाग अभियान के कार्यान्वयन चरण को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक गतिविधियां संचालित कर रहा है। इस पहल का व्यापक उद्देश्य स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर कार्यक्षमता वाले सरकारी कार्यालयों का निर्माण करना है, जो स्वच्छ भारत और विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप हो।

