UNGA 2026 में शहबाज शरीफ ने मई 2025 संघर्ष और सिंधु जल समझौते पर भारत को चेताया, वहीं ट्रंप की भूमिका की सराहना की।
UNGA 2026: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत-पाकिस्तान संबंधों, मई 2025 के सैन्य टकराव और सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठाया। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित हस्तक्षेप की सराहना की और कहा कि उस समय उनके हस्तक्षेप से हालात को और बिगड़ने से रोकने में मदद मिली।
शहबाज शरीफ ने साथ ही सिंधु नदी के पानी को लेकर भारत को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, उसमें बाधा डालने या उसका रुख बदलने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान ‘युद्ध की कार्रवाई’ के तौर पर देखेगा।
मई 2025 के संघर्ष का किया जिक्र
यूएन महासभा में अपने भाषण के दौरान शहबाज शरीफ ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का उल्लेख किया। उन्होंने उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका को निर्णायक बताते हुए उनके हस्तक्षेप की प्रशंसा की।
हालांकि, भारत इस घटनाक्रम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थ भूमिका के दावे को स्वीकार नहीं करता। नई दिल्ली का रुख रहा है कि सैन्य टकराव के बाद दोनों देशों के बीच संघर्षविराम सीधे संपर्क के माध्यम से हुआ था।
इससे पहले ट्रंप भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त कराने में अपनी भूमिका का दावा कर चुके हैं।
सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की चेतावनी
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में 1960 के सिंधु जल समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने भारत के इस समझौते को फिलहाल स्थगित रखने के फैसले की आलोचना की और कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी को राजनीतिक या सैन्य हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने भारत की ओर से पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी भी संभावित कार्रवाई को गंभीर परिणामों वाला कदम बताया।
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। भारत ने उस समय कहा था कि यह व्यवस्था तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को लेकर विश्वसनीय और स्थायी कार्रवाई नहीं करता। पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को खारिज किया है।
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पाकिस्तान की सेना और मई 2025 की कार्रवाई का जिक्र
शहबाज शरीफ ने मई 2025 के सैन्य टकराव के संदर्भ में पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे आत्मरक्षा के अधिकार से जोड़ते हुए पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व की प्रशंसा की।
वहीं, भारत ने मई 2025 के सैन्य अभियान को ऑपरेशन सिंदूर के रूप में पेश किया था। भारत के अनुसार, यह अभियान 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।
भारत ने UN में दिया जवाब
शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत ने राइट टू रिप्लाई के तहत पाकिस्तान के बयानों का जवाब दिया। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद से जुड़े मुद्दे उठाए और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार जारी रहेगा।
भारतीय प्रतिनिधि पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के बयानों को खारिज करते हुए सीमा पार आतंकवाद को दोनों देशों के बीच तनाव का एक प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद से जुड़े कदमों के परिणाम होंगे।
UNGA में भारत-पाकिस्तान के बीच फिर दिखा मतभेद
शहबाज शरीफ के भाषण में भारत-पाकिस्तान संघर्ष, कश्मीर और सिंधु जल समझौते जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दूसरी ओर, भारत ने जवाब में आतंकवाद और सीमा पार हिंसा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
इस तरह संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद एक बार फिर सामने आए। सिंधु जल समझौते और 2025 के सैन्य टकराव को लेकर दोनों देशों के रुख में स्पष्ट अंतर बना हुआ है।

