दीनदयाल जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के भजन क्लबिंग कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने भजन सुने और खंजरी बजाकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर दिल्ली में आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भक्ति संगीत का आनंद लिया और खंजरी बजाकर कलाकारों व युवाओं का उत्साह बढ़ाया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर को मनाई जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अंत्योदय के विचार और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को याद किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में भी उनके इसी विचार को रेखांकित किया गया है।
भजन क्लबिंग कार्यक्रम में क्या हुआ?
दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में भक्ति संगीत को आधुनिक प्रस्तुति के साथ पेश किया गया। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में पहुंचे और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भजन सुने और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। खंजरी बजाते हुए प्रधानमंत्री की तस्वीरें और वीडियो भी आयोजन की खास झलकियों में शामिल रहे।
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क्या है भजन क्लबिंग?
भजन क्लबिंग भक्ति संगीत को कॉन्सर्ट जैसे आधुनिक माहौल में प्रस्तुत करने का एक नया तरीका है। इसमें बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, एक साथ भजन और आध्यात्मिक संगीत का आनंद लेते हैं।
इस फॉर्मेट में पारंपरिक भक्ति संगीत को आधुनिक संगीत और लाइव इवेंट की शैली के साथ जोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति और भक्ति संगीत से नए अंदाज में जोड़ना है।
पीएम मोदी ने पहले भी की थी भजन क्लबिंग की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी भजन क्लबिंग के बढ़ते चलन का उल्लेख कर चुके हैं। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को भक्ति, संस्कृति और आधुनिकता के मेल के रूप में प्रस्तुत किया था।
भजन क्लबिंग के जरिए पारंपरिक भजनों को युवा पीढ़ी तक नए तरीके से पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में युवा भाग लेते हैं और संगीत के माध्यम से आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव से जुड़ते हैं।
Bhajan Clubbing in Delhi.
Spectacular! pic.twitter.com/BujBa4lzk7
— Narendra Modi (@narendramodi) September 25, 2026
पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अंत्योदय का विचार
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उनके विचारों में अंत्योदय को महत्वपूर्ण स्थान मिला। अंत्योदय का अर्थ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान और कल्याण पर ध्यान देना है।
25 सितंबर 2026 को उनकी जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनके अंत्योदय संबंधी विचारों और सामाजिक जिम्मेदारियों को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाली उनकी सोच आज भी प्रासंगिक है।
युवाओं को जोड़ने का नया माध्यम
भजन क्लबिंग जैसे कार्यक्रम पारंपरिक भारतीय भक्ति संगीत को युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने का एक आधुनिक माध्यम बनकर सामने आए हैं। संगीत, सामूहिक भागीदारी और आधुनिक प्रस्तुति के जरिए इन आयोजनों में नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
दीनदयाल जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी और खंजरी बजाने का दृश्य आयोजन की प्रमुख चर्चित झलकियों में रहा।

