एशियन गेम्स 2026 कबड्डी फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड जीता। 17 वर्षीय निकिता कुमारी के शानदार प्रदर्शन ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में गुरुग्राम से जुड़ी युवा खिलाड़ी निकिता कुमारी भी भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। महज 17 साल की उम्र में सीनियर स्तर के इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरकर निकिता ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन निर्णायक पलों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर संयम और रणनीति का प्रदर्शन किया। तीन अंकों के अंतर से मिली जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में एक और एशियन गेम्स गोल्ड अपने नाम किया।
ईरान के खिलाफ निकिता का शानदार प्रदर्शन
निकिता कुमारी ने टूर्नामेंट के दौरान अपनी उपयोगिता साबित की। ईरान के खिलाफ ग्रुप स्टेज के मुकाबले में उन्होंने दबाव के समय दो अहम सुपर रेड हासिल की थीं। उनकी रेडिंग में निरंतरता देखने को मिली और उन्होंने अपनी किसी रेड को खाली नहीं जाने दिया।
फाइनल मुकाबले में चोट लगने के बावजूद निकिता ने मैदान छोड़ने के बजाय टीम के लिए अपना योगदान जारी रखा। युवा उम्र में इस तरह का प्रदर्शन उनके खेल कौशल और मानसिक मजबूती को दर्शाता है।
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आठ साल की उम्र में शुरू किया था कबड्डी का सफर
निकिता कुमारी का कबड्डी करियर काफी कम उम्र में शुरू हो गया था। उन्होंने करीब आठ साल की उम्र में हरियाणा के हसनगढ़ स्थित सरकारी स्कूल से कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था।
मेहनत और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अंडर-18 स्तर पर भारतीय टीम की कप्तानी भी की। उस स्तर पर टीम को स्वर्ण पदक दिलाने के बाद अब सीनियर भारतीय टीम के साथ एशियन गेम्स का गोल्ड जीतना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।
गुरुग्राम के कॉलेज में पढ़ती हैं निकिता
17 वर्षीय निकिता मूल रूप से हरियाणा के हांसी जिले के हसनगढ़ गांव की रहने वाली हैं। फिलहाल वह गुरुग्राम के द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में प्रथम वर्ष की छात्रा हैं।
भारतीय महिला कबड्डी टीम की कम उम्र की खिलाड़ियों में शामिल निकिता ने सीनियर स्तर पर अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में ही प्रभाव छोड़ा है।
कोच सुनील डबास ने दी बधाई
निकिता को प्रशिक्षित करने वाली कबड्डी कोच डॉ. सुनील डबास ने भारतीय महिला टीम को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने निकिता के प्रदर्शन की भी सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच तक पहुंचना उसके निरंतर अभ्यास और मेहनत का परिणाम है।
निकिता की सफलता यह भी दिखाती है कि सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले युवा खिलाड़ी भी कड़ी मेहनत और सही प्रशिक्षण के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
महिला कबड्डी में भारत का स्वर्णिम सफर जारी
एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। भारत इससे पहले भी महिला कबड्डी में कई स्वर्ण पदक जीत चुका है। हांगझोउ 2022 एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम ने गोल्ड मेडल हासिल किया था।
ईरान को 37-34 से हराकर मिली यह जीत भारतीय टीम के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। वहीं, निकिता कुमारी जैसी युवा खिलाड़ी का इस स्वर्णिम अभियान का हिस्सा बनना भारतीय कबड्डी के लिए नई पीढ़ी के मजबूत आधार की ओर इशारा करता है।

