Share Market: Sensex 492 अंक उछला और Nifty 23,400 के पार पहुंचा। जानें बाजार में तेजी की 5 बड़ी वजहें और Nifty के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल।
Share Market: घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार, 21 सितंबर को सप्ताह की शुरुआत मजबूती के साथ की। एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 500 अंक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 50 ने भी 23,400 का स्तर पार कर लिया। बाजार में फार्मा और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी का असर साफ नजर आया।
हालांकि, व्यापक बाजार में तस्वीर उतनी मजबूत नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला।
सुबह 11 बजे के आसपास सेंसेक्स 402.90 अंक यानी 0.54 फीसदी की बढ़त के साथ 74,697.86 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 करीब 40.40 अंक यानी 0.17 फीसदी ऊपर 23,386.80 पर था। इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 492.30 अंक की छलांग लगाकर 74,787.26 तक पहुंचा, जबकि निफ्टी 50 ने 64.35 अंक की बढ़त के साथ 23,410.75 का स्तर छुआ।
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शेयर बाजार में तेजी की 5 बड़ी वजहें
1. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
घरेलू बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से राहत मिली। सऊदी अरब से तेल शिपमेंट में सुधार की उम्मीद के बीच ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 2 फीसदी से ज्यादा फिसलकर करीब 101 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।
तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे आयात लागत और महंगाई से जुड़े दबाव को लेकर बाजार की चिंता कुछ कम हो सकती है।
2. विदेशी निवेशकों की खरीदारी
लगातार सात कारोबारी सत्रों तक नेट बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) की ओर से शुक्रवार को खरीदारी देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयरों में करीब 599 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी बाजार में खरीदार बने रहे। उन्होंने शुक्रवार को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की नेट खरीदारी की थी। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार की धारणा को सपोर्ट दिया।
3. निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग
पिछले कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स और निफ्टी लगातार छठे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए थे। यह करीब छह वर्षों में लगातार गिरावट का सबसे लंबा दौर बताया जा रहा है।
लगातार कमजोरी के बाद कुछ शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग देखने को मिली। इसी खरीदारी ने सोमवार को प्रमुख इंडेक्सों को शुरुआती बढ़त हासिल करने में मदद की।
4. फार्मा और FMCG शेयरों में खरीदारी
सोमवार के कारोबार में फार्मा और FMCG सेक्टर बाजार के प्रमुख सपोर्टर्स में रहे। दोनों सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक मजबूत हुए।
रक्षात्मक माने जाने वाले इन सेक्टर्स में खरीदारी का असर बेंचमार्क इंडेक्सों पर भी पड़ा और निफ्टी को 23,400 के ऊपर जाने में मदद मिली।
5. टेक्निकल संकेतों पर बाजार की नजर
मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर अब निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, पिछले सप्ताह निफ्टी 23,400 के लक्ष्य के काफी करीब पहुंच गया था और अब बाजार में कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 23,280-23,260 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है, तो इंडेक्स 23,560 की दिशा में बढ़ सकता है। वहीं, 23,116 का स्तर टूटने पर बाजार में कमजोरी बढ़ने की संभावना बन सकती है और निफ्टी 22,600-21,800 के क्षेत्र की ओर जा सकता है।
Nifty के लिए कौन से लेवल अहम?
तकनीकी स्तरों के लिहाज से 23,260-23,280 का क्षेत्र निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। इसके ऊपर टिके रहने पर 23,560 के आसपास अगला महत्वपूर्ण स्तर हो सकता है।
दूसरी ओर, 23,116 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर निचले स्तरों पर 22,600 से 21,800 का क्षेत्र महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, ये तकनीकी स्तर बाजार की मौजूदा परिस्थितियों पर आधारित हैं और कारोबारी सत्र के दौरान बदल सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोमवार की तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल जरूर बना है, लेकिन व्यापक बाजार में कमजोरी और पिछले कई सप्ताह की गिरावट को देखते हुए निवेशकों के लिए इंडेक्स के अहम सपोर्ट स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा। कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और सेक्टर-वार खरीदारी आगे बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं।

