NSE IPO का आज आखिरी दिन है। ₹22,569 करोड़ के इश्यू का GMP गिरकर ₹48 हुआ। जानें सब्सक्रिप्शन, लिस्टिंग और एक्सपर्ट की राय।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित IPO आज यानी आखिरी दिन सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है। ₹22,569 करोड़ का यह इश्यू भारतीय बाजार के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा IPO बताया जा रहा है। इश्यू को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह देखने को मिला है, लेकिन दूसरी तरफ ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में लगातार गिरावट ने लिस्टिंग गेन को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
दूसरे दिन तक पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ NSE IPO
NSE IPO को दूसरे कारोबारी दिन तक कुल 1.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में 4.41 करोड़ शेयर उपलब्ध हैं, जिनमें से करीब 72 फीसदी के लिए बोली लग चुकी थी।
वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की कैटेगरी में इश्यू को 1.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की ओर से भी अच्छी मांग देखने को मिली और यह हिस्सा 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ।
NSE IPO का प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश
NSE ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इसका लॉट साइज 8 शेयरों का है। ऐसे में अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए कम से कम ₹14,280 लगाने होंगे।
IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर 2026 को BSE पर होने की संभावना है।
also read: ईपीएफओ व्हाट्सऐप चैनल: मोबाइल पर पाएं पीएफ की हर जरूरी जानकारी…
NSE IPO का GMP लगातार गिरा
NSE IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम में पिछले कुछ दिनों में काफी गिरावट आई है। मौजूदा समय में GMP करीब ₹48 बताया जा रहा है। अपर प्राइस बैंड ₹1,785 को आधार मानें तो यह करीब 3 फीसदी के प्रीमियम को दर्शाता है।
इस हिसाब से ग्रे मार्केट में NSE के शेयर की संभावित कीमत लगभग ₹1,833 बनती है। हालांकि, यह केवल ग्रे मार्केट का संकेत है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकता है।
गौर करने वाली बात यह है कि IPO से कुछ दिन पहले NSE का GMP करीब ₹255 था। इसके बाद शुक्रवार को यह लगभग ₹148 तक आया और अब घटकर करीब ₹48 रह गया है। यानी GMP में काफी तेज गिरावट देखने को मिली है।
क्या NSE IPO में पैसा लगाना चाहिए?
NSE IPO को लेकर ब्रोकरेज हाउसों का रुख फिलहाल सकारात्मक बताया जा रहा है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के करीब 42.9 गुना पर बैठता है।
LKP Securities ने इस IPO को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। वहीं, YES Securities ने भी IPO को सब्सक्राइब करने की राय दी है। हालांकि, ब्रोकरेज ने निवेशकों को वैल्यूएशन से जुड़े जोखिमों और रेगुलेटरी रिस्क को ध्यान में रखने की बात कही है।
GMP को अकेला आधार न बनाएं
IPO में निवेश का फैसला केवल GMP देखकर करना उचित नहीं माना जाता। ग्रे मार्केट का प्रीमियम बाजार की धारणा का एक अनौपचारिक संकेत होता है और इसमें लिस्टिंग से पहले काफी बदलाव हो सकता है।
निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, IPO की मांग, बाजार की परिस्थितियों और संभावित रेगुलेटरी जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। किसी भी IPO में निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार फैसला करना जरूरी है।

