प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना में कक्षा 9वीं और 10वीं के पात्र छात्रों को आर्थिक सहायता मिलती है। जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया।
आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में मदद देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं। इनमें प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप भी एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत पात्र विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
यह योजना खासतौर पर कक्षा 9वीं और 10वीं में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिए है। इसका उद्देश्य आर्थिक परेशानियों के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना और उन्हें आगे की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना क्या है?
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा से संबंधित खर्चों में सहायता देने का प्रयास किया जाता है। योजना में विशेष रूप से ऐसे परिवारों के बच्चों को लाभ देने पर जोर दिया जाता है, जिनके अभिभावक स्वच्छता या जोखिम वाले कार्यों से जुड़े हुए हैं।
इनमें कचरा बीनने, सफाई तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्वच्छता कार्यों में लगे श्रमिकों के बच्चे शामिल हो सकते हैं। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को स्कूल से जोड़ना और उनकी पढ़ाई को आर्थिक बाधाओं से बचाना है।
कौन-कौन से विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन?
योजना के लिए पात्रता निर्धारित शर्तों के आधार पर तय होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रमुख पात्रता इस प्रकार है:
- विद्यार्थी कक्षा 9वीं या 10वीं में अध्ययनरत होना चाहिए।
- आवेदक का संबंधित पात्र श्रेणी से होना आवश्यक है।
- परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक होनी चाहिए।
- विद्यार्थी ने पिछली कक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल किए हों।
- योजना के तहत विशेष रूप से स्वच्छता एवं जोखिमपूर्ण कार्यों से जुड़े श्रमिकों के बच्चों को लाभ दिया जाता है।
आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने राज्य में लागू नियमों तथा संबंधित विभाग की वर्तमान पात्रता शर्तों की जांच जरूर कर लेनी चाहिए।
The Pre-Matric Scholarship Scheme supports education for eligible SC students and children of parents engaged in certain unclean and hazardous occupations. Learn more at https://t.co/cSK7KMozqY. #EducationForAll
@PMOIndia @narendramodi @AmitShah @Drvirendrakum13 @RamdasAthawale @blvermaup @PIB_India @mygovindia @MIB_India @NISD_India @nskfdc @NSFDC_MOSJE @nbcfdc
— Ministry of Social Justice & Empowerment, GOI (@MSJEGOI) October 5, 2026
योजना के तहत क्या मिलता है लाभ?
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद करना है। पात्र छात्रों को पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
कुछ पात्र श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास से संबंधित सुविधा का प्रावधान भी हो सकता है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रहने जैसी जरूरतों में भी सहायता मिलती है।
योजना का व्यापक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई पात्र विद्यार्थी अपनी स्कूली शिक्षा बीच में न छोड़े।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आवेदन करते समय विद्यार्थियों को आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। इनमें सामान्य तौर पर निम्न दस्तावेज शामिल हो सकते हैं:
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पिछली कक्षा की अंकसूची
- वर्तमान कक्षा से संबंधित शैक्षणिक दस्तावेज
- बैंक खाते से संबंधित जानकारी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- अन्य आवश्यक दस्तावेज
दस्तावेजों की सटीक सूची आवेदन के वर्ष, राज्य और संबंधित छात्रवृत्ति श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है।
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन करने के लिए विद्यार्थियों को संबंधित सरकारी छात्रवृत्ति पोर्टल या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है। केंद्र सरकार से संबंधित जानकारी के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट
आवेदन प्रक्रिया में सबसे पहले पात्रता की जांच करें। इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करें। आवेदन जमा करने के बाद उसका स्टेटस भी संबंधित पोर्टल पर जांचा जा सकता है।
राज्य सरकारें भी चलाती हैं छात्रवृत्ति योजनाएं
केंद्र सरकार के अलावा विभिन्न राज्य सरकारों की ओर से भी अनुसूचित जाति और अन्य पात्र वर्गों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को केंद्र सरकार की योजना के साथ अपने राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल पर उपलब्ध योजनाओं की जानकारी भी जरूर देखनी चाहिए।

