पावर वीडर की कीमत, फायदे और उपयोग जानें। गया के किसान ने ₹46 हजार में खरीदी मशीन, जिससे छोटे खेतों में निराई-गुड़ाई करना आसान हुआ।
खेती की बढ़ती लागत और खेतों में मजदूरों की कमी के बीच आधुनिक कृषि यंत्र किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बन रहे हैं। इन्हीं में से एक पावर वीडर है, जो कम जगह वाले खेतों में खरपतवार हटाने, मिट्टी की गुड़ाई करने और फसलों की देखभाल में मदद करता है। बिहार के गया जिले के किसान जीवेश यादव ने करीब 46 हजार रुपये में पावर वीडर खरीदा है। वह इस मशीन की मदद से सब्जियों और गेहूं की खेती में खेतों की देखभाल का काम करते हैं।
बिहार सहित देश के कई राज्यों में किसान धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन और सब्जियों की खेती करते हैं। अच्छी पैदावार के लिए समय पर निराई-गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण जरूरी होता है। लेकिन मजदूरी महंगी होने और समय पर श्रमिक नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पावर वीडर छोटे और सीमांत किसानों के लिए उपयोगी कृषि उपकरण बन सकता है।
छोटे खेतों में आसानी से काम करता है पावर वीडर
पावर वीडर इंजन या मोटर से चलने वाला कृषि यंत्र है। इसमें लगे घूमने वाले ब्लेड मिट्टी की ऊपरी परत की गुड़ाई करते हैं और फसलों के बीच उगने वाले खरपतवार को हटाने में मदद करते हैं। इससे मिट्टी भुरभुरी बनाने और फसलों की कतारों के बीच काम करने में सुविधा मिलती है।
ट्रैक्टर की तुलना में इसका आकार छोटा होता है। इसलिए इसे छोटे खेतों, बगीचों और सब्जियों की कतारों के बीच चलाना अपेक्षाकृत आसान होता है। हालांकि, मशीन की उपयोगिता मिट्टी की स्थिति, फसल की दूरी और यंत्र की क्षमता पर निर्भर करती है।
गया के किसान ने ₹46 हजार में खरीदी मशीन
बिहार के गया जिले के नवादा गांव के किसान जीवेश यादव लगभग एक एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। उन्होंने करीब 46 हजार रुपये खर्च करके पावर वीडर खरीदा है। जीवेश इस मशीन का इस्तेमाल सब्जियों की खेती और मौसम के अनुसार गेहूं की फसल में करते हैं।
उनके मुताबिक, सीमित जमीन वाले किसानों के लिए बड़े ट्रैक्टर से हर काम करना सुविधाजनक नहीं होता। ऐसे में पावर वीडर खेतों में निराई-गुड़ाई और मिट्टी की देखभाल जैसे कार्यों को आसान बनाने में मदद कर सकता है।
छोटे खेतों में मशीन का उपयोग करने से किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार कृषि कार्य करने की सुविधा मिलती है। इससे समय की बचत होने और मजदूरों पर निर्भरता कम करने की संभावना रहती है।
also read: गेहूं की बुवाई में कौन-सा बीज है फायदेमंद? घर के बीज और प्रमाणित बीज…
निराई-गुड़ाई से लेकर खरपतवार नियंत्रण तक उपयोगी
पावर वीडर का इस्तेमाल कई कृषि कार्यों में किया जा सकता है। इसके प्रमुख उपयोग इस प्रकार हैं:
- खरपतवार नियंत्रण: फसलों की कतारों के बीच उगने वाली अनचाही घास को हटाने में मदद।
- मिट्टी की गुड़ाई: खेत की ऊपरी मिट्टी को भुरभुरा बनाने में उपयोगी।
- सब्जियों की खेती: कतारों में लगी सब्जियों के बीच निराई-गुड़ाई के लिए सुविधाजनक।
- समय की बचत: उपयुक्त परिस्थितियों में हाथ से किए जाने वाले कुछ कार्य तेजी से पूरे किए जा सकते हैं।
- मजदूरी पर निर्भरता कम करना: जरूरत के समय उपलब्ध मशीन से खेतों की देखभाल करने में सहायता मिल सकती है।
मशीन चलाते समय फसल की जड़ों को नुकसान से बचाने के लिए सही दूरी और उपयुक्त ब्लेड का चयन करना जरूरी है।
दूसरे किसानों के खेतों में मशीन चलाकर बढ़ा सकते हैं कमाई
पावर वीडर का उपयोग केवल अपने खेत तक सीमित रखना जरूरी नहीं है। जिन किसानों के पास यह मशीन है, वे स्थानीय मांग के अनुसार दूसरे किसानों के खेतों में भी किराये पर निराई-गुड़ाई की सेवा देने की संभावना तलाश सकते हैं।
सब्जियों, मक्का और अन्य कतार वाली फसलों की खेती करने वाले किसानों को अलग-अलग मौसम में कई बार गुड़ाई की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में मशीन से कृषि सेवाएं उपलब्ध कराना अतिरिक्त आय का विकल्प बन सकता है।
हालांकि, इससे होने वाली कमाई स्थानीय मांग, मशीन के ईंधन खर्च, रखरखाव, काम के क्षेत्र और किराये की दर पर निर्भर करेगी।
पावर वीडर खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
मशीन खरीदने से पहले किसान अपने खेत के आकार, मिट्टी के प्रकार, फसल की कतारों की दूरी और मशीन की कार्यक्षमता की जानकारी जरूर लें। पेट्रोल या डीजल से चलने वाले मॉडल में ईंधन और रखरखाव का खर्च भी जुड़ता है।
किसानों को मशीन की कीमत, वारंटी, उपलब्ध सर्विस सेंटर और स्पेयर पार्ट्स की सुविधा की तुलना करने के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए। कृषि विभाग की योजनाओं के तहत किसी मॉडल पर अनुदान उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी संबंधित कृषि कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

