PCOS Symptoms: अनियमित पीरियड्स, मुंहासे और बाल झड़ने की समस्या PCOS के संकेत हो सकते हैं। जानें PCOS के लक्षण, कारण, जांच और डॉक्टर से कब संपर्क करें।
PCOS Symptoms: अगर पीरियड्स समय पर नहीं आ रहे हैं और इसके साथ चेहरे पर बार-बार मुंहासे, ऑयली स्किन या सिर के बाल पतले होने जैसी समस्याएं भी नजर आ रही हैं, तो इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों में ये लक्षण पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का होना अकेले PCOS की पुष्टि नहीं करता, क्योंकि इनके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
PCOS एक हार्मोन से जुड़ी स्थिति है, जिसमें ओव्यूलेशन और शरीर में एंड्रोजन हार्मोन के स्तर में बदलाव हो सकता है। इसके लक्षण हर महिला में अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं। इसलिए लगातार परेशानी रहने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है।
अनियमित पीरियड्स PCOS का संकेत हो सकते हैं
PCOS से पीड़ित कुछ महिलाओं में मासिक धर्म का चक्र अनियमित हो जाता है। पीरियड्स के बीच ज्यादा अंतर हो सकता है या कई बार लंबे समय तक माहवारी नहीं आती। इसका एक कारण नियमित रूप से ओव्यूलेशन न होना हो सकता है।
हालांकि, हर अनियमित पीरियड्स को PCOS से जोड़ना सही नहीं है। तनाव, वजन में अचानक बदलाव, अत्यधिक एक्सरसाइज, थायरॉइड से जुड़ी परेशानी और अन्य हार्मोनल बदलाव भी मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। अगर पीरियड्स लगातार अनियमित हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।
मुंहासे और ऑयली स्किन भी हो सकते हैं लक्षण
हार्मोनल बदलाव का असर त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है। PCOS की स्थिति में कुछ महिलाओं को चेहरे पर बार-बार मुंहासे होने या त्वचा के अधिक ऑयली होने की समस्या हो सकती है। इसका संबंध शरीर में एंड्रोजन हार्मोन के स्तर में बदलाव से हो सकता है।
लेकिन सिर्फ मुंहासे होने का मतलब यह नहीं है कि किसी महिला को PCOS है। त्वचा संबंधी समस्याओं के पीछे उम्र, स्किन केयर, तनाव और अन्य हार्मोनल कारण भी हो सकते हैं।
बाल झड़ना या ज्यादा बाल आना भी हो सकता है संकेत
PCOS में हार्मोनल असंतुलन के कारण कुछ महिलाओं के सिर के बाल पतले होने या सामान्य से ज्यादा बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। वहीं कुछ मामलों में चेहरे, ठुड्डी या शरीर के अन्य हिस्सों पर सामान्य से अधिक बाल आने की शिकायत भी हो सकती है।
बाल झड़ने की समस्या के पीछे आयरन की कमी, तनाव, थायरॉइड, पोषण संबंधी समस्याएं और अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल इस लक्षण के आधार पर PCOS का अनुमान लगाना उचित नहीं है।
also read: बार-बार सिरदर्द क्यों होता है? इन वजहों को न करें नजरअंदाज, जानें कब है…
PCOS की जांच किस तरह की जाती है?
PCOS का पता लगाने के लिए डॉक्टर सबसे पहले मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री को समझते हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार कुछ ब्लड टेस्ट या अल्ट्रासाउंड जैसी जांच की सलाह दी जा सकती है।
आमतौर पर डॉक्टर अनियमित ओव्यूलेशन या पीरियड्स, एंड्रोजन हार्मोन बढ़ने के संकेत और ओवरी में पॉलीसिस्टिक बदलाव जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हैं। साथ ही उन दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को भी बाहर करना जरूरी होता है, जिनके कारण समान लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
इसलिए PCOS की पुष्टि किसी एक लक्षण या सिर्फ एक टेस्ट के आधार पर नहीं की जाती। सही निदान के लिए चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
वजन बढ़ना भी PCOS से जुड़ा हो सकता है
कुछ महिलाओं में PCOS के साथ वजन बढ़ने, खासकर पेट के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा होने की समस्या देखी जा सकती है। इस स्थिति में इंसुलिन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया में बदलाव भी हो सकता है।
हालांकि, हर PCOS मरीज का वजन बढ़े, यह जरूरी नहीं है। सामान्य वजन वाली महिलाओं में भी PCOS हो सकता है। इसलिए वजन को अकेले PCOS की पहचान का आधार नहीं माना जाना चाहिए।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर पीरियड्स लगातार अनियमित हैं और साथ में मुंहासे, अत्यधिक बाल झड़ना, चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल आना अथवा वजन में लगातार बदलाव जैसी समस्याएं भी बनी हुई हैं, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
समय पर जांच कराने से समस्या का कारण समझने और उचित प्रबंधन की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है। खुद से PCOS की दवा लेना या केवल इंटरनेट पर मौजूद लक्षणों के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।

