हरियाणा में पंचकूला और अंबाला नगर निगम चुनाव 2026 की तैयारियों की समीक्षा, राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरियाणा में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में देवेंद्र सिंह कल्याण की अध्यक्षता में पंचकूला में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अंबाला और पंचकूला नगर निगम चुनावों की व्यवस्थाओं का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना था।
बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से मतदाता सूची की शुद्धता, ईवीएम की उपलब्धता, चुनाव सामग्री, कानून व्यवस्था, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान, पोलिंग स्टाफ की नियुक्ति और प्रशिक्षण, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देने के लिए कहा।
श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने स्पष्ट किया कि चुनाव के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम मशीनें और अन्य संसाधन पहले से तैयार रखे जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी बताया कि 13 अप्रैल 2026 से आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, जिसके तहत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा और न ही कोई नई योजना या परियोजना का उद्घाटन किया जा सकेगा।
मतदाता सूची और नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त ने बताया कि पंचकूला नगर निगम की वार्डवार अंतिम मतदाता सूची पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि तक पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकते हैं, बशर्ते उनका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वैध रूप से सूचीबद्ध मतदाता ही चुनाव में प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने पुलिस विभाग को सख्त निर्देश दिए कि संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की तुरंत पहचान कर वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इसके अलावा, अवैध शराब, नशीले पदार्थों और आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने, विशेष चेकिंग अभियान चलाने और आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए।
मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क, रैंप, व्हीलचेयर, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वोटर स्लिप का वितरण 7 मई तक घर-घर पहुंचाकर करने और इस प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इसके अलावा, मतदान और मतगणना केंद्रों के रूप में उपयोग किए जाने वाले स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों की मरम्मत, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को भी समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और 48 घंटे के भीतर शिकायतों के समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही प्रत्याशियों को एनओसी और अन्य आवश्यक अनुमतियां प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर भी जोर दिया गया।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अंत में कहा कि चुनाव आयोग की प्राथमिकता है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और मतदाता अनुकूल वातावरण में संपन्न हों। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। बैठक में दोनों जिलों के उपायुक्तों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी तैयारियों की जानकारी भी साझा की।

