हरियाणा में सीएफएमएस पर लंबित फाइलों को 15 दिन में निपटाने के निर्देश, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ई-ऑफिस और HRMS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर।
हरियाणा सरकार प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सीएफएमएस पोर्टल पर लंबित सभी फाइलों का निपटारा अधिकतम 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलों में देरी न केवल विकास कार्यों को प्रभावित करती है, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर भी असर डालती है।
चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में आयोजित ह्यूमन रिसोर्स मॉड्यूल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों की गहन समीक्षा करें और जहां देरी हो रही है, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फाइलों की स्थिति को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न उत्पन्न हो।
मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से कामकाज करने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-ऑफिस के उपयोग की मासिक समीक्षा की जाए और इसकी प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एचआरएमएस 2.0 की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को इसके अंतर्गत उपलब्ध 18 मॉड्यूल्स को चरणबद्ध तरीके से अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मानव संसाधन प्रबंधन में एकरूपता आएगी और कर्मचारियों से संबंधित कार्यों को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
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मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिनियम की अधिसूचना, क्रियान्वयन की समय-सीमा और अनुपालन की स्थिति का भी मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित कार्यों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। साथ ही, बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही।
उन्होंने जोर देकर कहा कि फाइलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का भी हिस्सा है। इससे न केवल विकास कार्यों को गति मिलेगी, बल्कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न विभागों में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी साझा की और मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का पालन करते हुए सभी लंबित मामलों को तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा। यह पहल हरियाणा में सुशासन और डिजिटल प्रशासन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

