NSE IPO GMP Today: NSE IPO का GMP ₹68 पर आया। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड के साथ 24 सितंबर 2026 को NSE शेयरों की लिस्टिंग होगी।
NSE IPO GMP Today: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग का इंतजार अब खत्म होने वाला है। NSE के शेयर 24 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में डेब्यू करने वाले हैं। लिस्टिंग से एक दिन पहले ग्रे मार्केट में शेयरों की गतिविधि पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
23 सितंबर को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹68 प्रति शेयर बताया गया। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड को आधार मानें तो GMP के हिसाब से अनुमानित कीमत करीब ₹1,853 बनती है। हालांकि, ग्रे मार्केट का यह आंकड़ा अनौपचारिक है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है।
NSE IPO GMP में आई गिरावट
लिस्टिंग से पहले NSE IPO के GMP में पिछले कुछ दिनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। उपलब्ध बाजार रिपोर्टों में GMP के ऊंचे स्तर से काफी नीचे आने की बात सामने आई है।
GMP को निवेशक अक्सर संभावित लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत मानते हैं, लेकिन यह आधिकारिक बाजार मूल्य नहीं है। इसलिए NSE के शेयर वास्तव में किस भाव पर कारोबार शुरू करेंगे, इसका पता 24 सितंबर को बाजार खुलने के बाद ही चलेगा।
24 सितंबर को NSE IPO की लिस्टिंग
NSE का आईपीओ 17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और 21 सितंबर को बोली प्रक्रिया समाप्त हुई। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर 2026 को होने वाली है।
करीब ₹22,560-22,569 करोड़ के इस इश्यू को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। अंतिम आंकड़ों के अनुसार आईपीओ को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों ने 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।
also read: LPG Cylinder Price: कमर्शियल गैस सिलेंडर पर ₹600 तक की बचत, जानें…
QIB कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड
NSE IPO में योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIBs की ओर से सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली। QIB हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ।
वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 6.55 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस तरह कुल सब्सक्रिप्शन में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी प्रमुख रही।
NSE IPO का प्राइस बैंड कितना था?
NSE IPO के लिए कंपनी ने ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट में 8 शेयर रखे गए थे। इस हिसाब से रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट की अधिकतम लागत ₹14,280 थी।
पूरा इश्यू OFS के तहत
NSE का यह आईपीओ पूरी तरह Offer for Sale (OFS) था। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचे गए हैं। यानी कंपनी ने आईपीओ के जरिए कोई नए इक्विटी शेयर जारी नहीं किए।
इस वजह से इश्यू से प्राप्त रकम NSE के पास नई पूंजी के तौर पर नहीं जाएगी, बल्कि OFS में शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।
NSE की शेयर बाजार में बड़ी हिस्सेदारी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारतीय कैपिटल मार्केट का प्रमुख एक्सचेंज है। उपलब्ध हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 को समाप्त तिमाही में कैश इक्विटी सेगमेंट में NSE की हिस्सेदारी करीब 93.05% थी।
इक्विटी फ्यूचर्स में इसकी हिस्सेदारी करीब 99.72%, जबकि इक्विटी ऑप्शंस में करीब 68.48% बताई गई है। ये आंकड़े संबंधित सेगमेंट के ट्रेडिंग वैल्यू के आधार पर हैं।
GMP से कितनी लिस्टिंग का संकेत?
यदि ₹68 के GMP को ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड में जोड़ा जाए तो अनुमानित कीमत करीब ₹1,853 बनती है। यह इश्यू प्राइस से लगभग 3.8% ऊपर बैठती है।
हालांकि, GMP किसी आधिकारिक एक्सचेंज का आंकड़ा नहीं है। यह अनौपचारिक बाजार में शेयर की मांग का संकेत मात्र होता है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग तथा अन्य कारकों के कारण अलग हो सकता है।

