नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान के तहत 34 राज्यों के 1,469 स्थानों पर युवा मेले आयोजित हुए। जानें 3.65 लाख प्रतिभागियों और अभियान की प्रमुख गतिविधियों की जानकारी।
देश के युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए मेरा युवा भारत ने देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए। 10 अक्टूबर 2026 को ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान’ के अंतर्गत नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट और युवा मेलों का आयोजन किया गया। इस पहल में 34 राज्यों के 1,469 स्थानों पर कार्यक्रम हुए, जिनमें 3.65 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया।
यह आयोजन 100 सप्ताह तक चलने वाले अभियान का हिस्सा था। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना, मादक पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समुदायों को नशामुक्त भारत के लक्ष्य से जोड़ना है।
1,469 स्थानों पर आयोजित हुए युवा कार्यक्रम
मेरा युवा भारत ने विभिन्न सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन आयोजनों के जरिए युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान, इसके सामाजिक प्रभाव और रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रमों में युवाओं को अपनी बात रखने, स्थानीय समस्याओं पर चर्चा करने और नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयासों की रणनीति तैयार करने का अवसर मिला। इस पहल का मुख्य जोर युवाओं को जागरूक करने के साथ उन्हें सामाजिक बदलाव का सक्रिय भागीदार बनाना था।
नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट में नशे की रोकथाम पर हुई चर्चा
ब्लॉक स्तर पर आयोजित नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट में मादक पदार्थों के सेवन से जुड़ी समस्याओं और उनसे निपटने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
इन बैठकों में इस बात पर जोर दिया गया कि केवल जागरूकता फैलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे की रोकथाम के लिए व्यावहारिक कदम उठाने के लिए भी प्रेरित करना जरूरी है।
चर्चाओं के दौरान युवाओं को अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने, स्वस्थ आदतें अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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शपथ से लेकर नुक्कड़ नाटक तक, युवाओं ने की भागीदारी
अभियान के तहत युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई तरह की गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें जागरूकता से जुड़ी रचनात्मक प्रतियोगिताओं और सामुदायिक कार्यक्रमों को शामिल किया गया।
प्रमुख गतिविधियां इस प्रकार रहीं:
- नशामुक्त युवा शपथ: युवाओं ने नशे से दूर रहने और दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
- नारा लेखन प्रतियोगिता: नशे के खिलाफ संदेश देने वाले नारों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई गई।
- हस्ताक्षर अभियान: लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से जोड़ने का प्रयास किया गया।
- वाद-विवाद प्रतियोगिताएं: मादक पदार्थों के दुरुपयोग और उसकी रोकथाम से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए गए।
- नुक्कड़ नाटक: रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए नशे के नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
- संवादात्मक चर्चाएं: युवाओं को अपने विचार रखने और समाधान तलाशने का अवसर मिला।
इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान से जोड़ना था।
कई संगठनों ने मिलकर बढ़ाया अभियान का दायरा
युवा मेलों के आयोजन में विभिन्न सामाजिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक संगठनों ने सहयोग किया। इनमें हार्टफुलनेस, प्रोजेक्ट पॉइंट, सीआईपीयू, एसोचैम, फिक्की और ब्रह्माकुमारीज जैसे संगठन शामिल रहे।
इन संस्थाओं के सहयोग से अभियान को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने और अलग-अलग समुदायों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिली।
इस पहल में जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक सांसद और पांच विधायकों सहित कुल छह जनप्रतिनिधि कार्यक्रमों में शामिल हुए।
अभियान के दौरान हुईं 4,552 गतिविधियां
नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:
- 34 राज्य: अभियान के तहत कार्यक्रमों का आयोजन।
- 1,469 स्थान: नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट और युवा मेले आयोजित हुए।
- 3.65 लाख से अधिक प्रतिभागी: युवाओं और नागरिकों ने हिस्सा लिया।
- 4,552 गतिविधियां: विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- 4,568 नारे: नशामुक्त भारत का संदेश देने वाले नारे एकत्र किए गए।
- 100 सप्ताह: अभियान की निर्धारित अवधि।
ये आंकड़े नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को सामाजिक पहल से जोड़ने के प्रयासों को दर्शाते हैं।
क्या है नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान का उद्देश्य?
इस अभियान का व्यापक लक्ष्य युवाओं को मादक पदार्थों के दुरुपयोग से बचाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही समुदायों में जागरूकता बढ़ाकर नशे की रोकथाम को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
मेरा युवा भारत की ओर से आयोजित नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट और युवा मेले युवाओं को स्थानीय स्तर पर नेतृत्व करने, सामाजिक समस्याओं पर चर्चा करने और जागरूकता गतिविधियों में भाग लेने का मंच प्रदान करते हैं।
इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को अपने परिवार, मित्रों और समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
नशामुक्त भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका अहम
युवा किसी भी देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नशे की समस्या का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके परिवार और समाज पर भी पड़ सकता है। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता, सामुदायिक सहयोग और समय पर सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
100 सप्ताह का यह अभियान युवाओं की नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने और देशभर में नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक पहल है।

