भिक्षावृत्ति मुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली में 14 अक्टूबर को कार्यक्रम होगा। जानें SMILE योजना, 100 शहरों के लक्ष्य और पुनर्वास से जुड़ी पूरी जानकारी।
केंद्र सरकार देशभर में भिक्षावृत्ति में लगे लोगों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत – भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली की ओर अग्रसर’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल होंगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को केवल भिक्षावृत्ति से बाहर निकालना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-31 के दौरान 100 शहरों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
भिक्षावृत्ति मुक्त भारत अभियान के तहत दिल्ली में होगा कार्यक्रम
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों के अलावा जिला प्रशासन, शहरी निकायों, सामाजिक संगठनों और योजना से लाभ पाने वाले लोगों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
कार्यक्रम के दौरान योजना को लागू करने के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास को अधिक प्रभावी बनाने, उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत की भी उपस्थिति रहेगी।
क्या है SMILE भिक्षावृत्ति पुनर्वास योजना?
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से SMILE योजना के अंतर्गत भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है, जिन्हें आर्थिक तंगी, सामाजिक असुरक्षा या अन्य परिस्थितियों के कारण भिक्षावृत्ति का सहारा लेना पड़ता है।
योजना के तहत जरूरतमंद व्यक्तियों की पहचान करने के बाद उनकी परिस्थितियों के अनुसार सहायता और पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है। इसमें कई तरह की सुविधाओं को शामिल किया गया है, जैसे:
- पहचान और सर्वेक्षण: भिक्षावृत्ति में लगे लोगों की पहचान और उनकी जरूरतों का आकलन करना।
- रेस्क्यू और सहायता: जरूरत के अनुसार सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराना।
- परामर्श सेवा: लोगों को नई शुरुआत करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए मार्गदर्शन देना।
- आश्रय और स्वास्थ्य सुविधाएं: जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक सेवाओं से जोड़ना।
- शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण: रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद करना।
- आजीविका के अवसर: लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के विकल्प उपलब्ध कराना।
- सामाजिक सुरक्षा: पात्र व्यक्तियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायता करना।
इस प्रकार योजना का जोर दीर्घकालिक पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन के अवसर तैयार करने पर है।
216 शहरों में लागू है योजना, 45 हजार से अधिक लोगों की पहचान
उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, SMILE योजना के तहत देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 216 शहरों में काम किया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत अब तक 45,073 लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 13,134 लोगों को पुनर्वास संबंधी सहायता मिल चुकी है।
ये आंकड़े योजना के तहत किए जा रहे प्रयासों का संकेत देते हैं। इसका उद्देश्य लाभार्थियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में दोबारा सक्रिय भागीदारी करने के अवसर प्रदान करना है।
भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लिए सरकार की नई रणनीति
सरकार योजना के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने और उसके परिणामों का आकलन करने के लिए डिजिटल तकनीक और निगरानी व्यवस्था का इस्तेमाल कर रही है।
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इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
1. मोबाइल ऐप से होगा सर्वेक्षण
भिक्षावृत्ति में लगे लोगों की पहचान और उनकी व्यक्तिगत जरूरतों का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जा रहा है। इससे सर्वेक्षण और प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिल सकती है।
2. डिजिटल पोर्टल से निगरानी
योजना की प्रगति पर नजर रखने और कार्यान्वयन से संबंधित जानकारी व्यवस्थित करने के लिए डिजिटल पोर्टल की व्यवस्था की गई है। इससे विभिन्न स्तरों पर कामकाज की निगरानी में मदद मिल सकती है।
3. आश्रय गृहों में बेहतर पुनर्वास सुविधाएं
योजना के तहत आश्रय स्थलों को केवल रहने की जगह तक सीमित रखने के बजाय देखभाल और पुनर्वास से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
4. भिक्षावृत्ति मुक्त शहरों के लिए तय होंगे प्रदर्शन मानक
शहरों में योजना की प्रगति को मापने के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों यानी KPI का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन मानकों से यह आकलन करने में मदद मिल सकती है कि संबंधित शहर पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण के लक्ष्यों की दिशा में कितना आगे बढ़ा है।
5. सरकारी योजनाओं से जोड़े जाएंगे पात्र लाभार्थी
पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे पात्र व्यक्तियों को उनके अधिकारों और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच बनाने में सहायता मिल सकती है।
दिल्ली के सभी 14 जिलों में चल रही है योजना
दिल्ली को SMILE योजना के शुरुआती प्रायोगिक चरण में शामिल किया गया था। वित्त वर्ष 2021-22 में चुने गए सात शहरों में राष्ट्रीय राजधानी भी एक थी।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब यह पहल दिल्ली के सभी 14 जिलों में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों की पहचान, उनकी जरूरतों के अनुरूप सहायता और स्थायी पुनर्वास के प्रयासों का विस्तार करना है।
14 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में योजना के तहत पहचाने गए और सहायता प्राप्त लाभार्थियों को सम्मानित करने की भी योजना है। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास और पुनर्वास किट प्रदान की जाएंगी, ताकि वे आजीविका के अवसरों की ओर आगे बढ़ सकें।
2031 तक 100 शहरों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 100 शहरों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है।
रणनीति में डिजिटल निगरानी, स्पष्ट प्रदर्शन मानक, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और स्थानीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य लोगों को केवल भिक्षावृत्ति से दूर करना नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान करने के लिए दीर्घकालिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और जरूरी सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना महत्वपूर्ण होगा।
भिक्षावृत्ति मुक्त भारत अभियान क्यों है महत्वपूर्ण?
भिक्षावृत्ति से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। गरीबी, बेरोजगारी, सामाजिक असुरक्षा और जरूरी सेवाओं तक सीमित पहुंच जैसी परिस्थितियां भी इस समस्या को प्रभावित कर सकती हैं।
SMILE योजना के अंतर्गत पुनर्वास, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा पर दिया जा रहा जोर इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। यदि जरूरतमंद लोगों को स्थायी आजीविका और आवश्यक सुविधाएं मिलती हैं, तो उनके लिए सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ना आसान हो सकता है।

