नमस्ते योजना के तहत 36 राज्यों में 90,186 स्वच्छता कर्मियों का सत्यापन हुआ। PPE, स्वास्थ्य बीमा, प्रशिक्षण और मशीनीकरण से सुरक्षा व आजीविका मजबूत की जा रही है।
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम कार्रवाई योजना यानी नमस्ते (NAMASTE) का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़े कर्मियों को सुरक्षित कार्य वातावरण, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है। योजना के तहत स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के साथ कर्मियों को सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य बीमा और कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत के अनुसार, 22 सितंबर तक देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों से जुड़ा नमस्ते घटक लागू किया जा चुका है। इस दौरान 90,186 स्वच्छता कर्मियों का सत्यापन पूरा किया गया है।
90 हजार से ज्यादा सीवर कर्मियों का सत्यापन
सत्यापित 90,186 कर्मियों में 86,468 पुरुष, 3,713 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर कर्मी शामिल हैं। कर्मियों की पहचान और प्रोफाइल तैयार करने का उद्देश्य उन्हें सरकारी सुरक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
योजना के तहत स्वच्छता कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। अब तक 87,008 से अधिक PPE किट वितरित की जा चुकी हैं, जबकि करीब 87,037 किट के लिए ऑर्डर दिए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य बीमा और प्रशिक्षण पर भी जोर
नमस्ते योजना के तहत स्वच्छता कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के लिए 27,034 स्वास्थ्य बीमा ई-केवाईसी पूरी की गई हैं। इसके अलावा कर्मियों की क्षमता बढ़ाने के लिए 5,449 व्यावसायिक प्रशिक्षण आयोजित किए गए हैं।
कार्यस्थल पर सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाई सुरक्षा उपकरण सेट भी उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही 1,841 कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है।
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स्वच्छता उद्यमी योजना से मशीनीकरण को बढ़ावा
नमस्ते योजना के अंतर्गत स्वच्छता कार्यों में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY) के तहत पूंजीगत सब्सिडी भी दी जा रही है।
अब तक 983 लाभार्थियों को ₹34.16 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों को अत्यधिक जोखिम वाले मैनुअल कार्य से बाहर निकालकर मशीनीकृत स्वच्छता सेवाओं से जोड़ना और उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर देना है।
2.51 लाख से अधिक कचरा बीनने वालों की प्रोफाइल तैयार
नमस्ते योजना में कचरा बीनने वालों को भी शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार, 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,51,756 कचरा बीनने वालों की प्रोफाइलिंग पूरी की जा चुकी है।
इनमें 1,35,233 पुरुष, 1,16,498 महिलाएं और 25 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। प्रोफाइलिंग के माध्यम से इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, कौशल विकास और आजीविका से जुड़े अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कचरा बीनने वालों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा
कचरा बीनने वालों को स्वास्थ्य बीमा से जोड़ने के लिए अब तक 7,526 स्वास्थ्य बीमा ई-केवाईसी पूरी की गई हैं। योजना के कार्यान्वयन में 17 प्रशिक्षण प्रदाता और 33 संसाधन संगठन सहयोग कर रहे हैं।
सुरक्षित और गरिमापूर्ण स्वच्छता व्यवस्था बनाने पर फोकस
नमस्ते योजना का मुख्य उद्देश्य केवल स्वच्छता कर्मियों की पहचान करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित कार्य परिस्थितियां, आधुनिक उपकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत मशीनीकरण, PPE किट, स्वास्थ्य बीमा, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों पर एक साथ काम किया जा रहा है। इससे स्वच्छता कर्मियों को जोखिमपूर्ण काम से बाहर निकलकर अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) के माध्यम से भी विभिन्न हस्तक्षेपों को लागू किया जा रहा है। सरकार का जोर स्वच्छता कर्मियों और कचरा बीनने वालों के लिए सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भर आजीविका का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर है।

